उत्तराखंड बीजेपी में बड़ी टूट, मंत्री हरक सिंह रावत के बाद एक विधायक के भी इस्तीफे का दावा

Harak Singh Rawat: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही बीजेपी में अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है. पुष्कर सिंह धामी की सरकार में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब कांग्रेस ने दावा किया है कि एक विधायक ने भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़ दिया है. 

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बीजेपी में अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है. बीजेपी में अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है.

सुप्रिया भारद्वाज

  • नई दिल्ली/देहरादून,
  • 25 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:29 AM IST
  • विधायक ने भी छोड़ी BJP: कांग्रेस
  • उत्तराखंड BJP में अंतर्कलह!

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही बीजेपी में अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है. पुष्कर सिंह धामी की सरकार में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब कांग्रेस ने दावा किया है कि एक विधायक ने भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़ दिया है. 

कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से तंज कसते हुए लिखा गया है, 'डूबता जहाज, भागते लोग.' साथ ही ट्वीट में दो तस्वीरें भी शेयर की गई हैं, जिनमें से एक कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के इस्तीफे की खबर है, तो दूसरे में विधायक उमेश शर्मा काऊ के बीजेपी छोड़ने का जिक्र है. 

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डूबता जहाज, भागते लोग!

— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand)

बता दें कि विधायक उमेश शर्मा देहरादून जिले के रायपुर सीट से उत्तराखंड विधान सभा के सदस्य हैं. 2016 में, उमेश शर्मा काऊ अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो हुए थे.

बगावती तेवर दिखाते रहे हैं रावत 

उधर, पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट में वन एवं पर्यावरण, लेबर और स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय संभालने वाले मंत्री हरक सिंह रावत के राजनीतिक करियर पर नजर डालें तो उन्होंने कई मौकों पर बगावती तेवर दिखाए हैं. 2016 में कांग्रेस को छोड़ ही उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था. कयास लगाए जा रहे हैं कि अब एक बार फिर वह अपनी पुरानी पार्टी में घर वापसी कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो हरीश रावत के लिए कई समीकरण बदल सकते हैं. 

हरीश रावत सरकार के खिलाफ फूंका था बिगुल

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बता दें कि हरक सिंह रावत वहीं नेता हैं जिन्होंने 2016 में उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया था. सरकार गिरने की नौबत आ गई थी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था. ऐसे में अगर अब हरक सिंह की वापसी हो जाती है, तो हरीश रावत के लिए भी स्थिति असहज हो सकती है. हालांकि, हाल में दोनों के बीच काफी सकारात्मक बातचीत भी देखने को मिली थी. ऐसे में अब जबकि चुनाव सिर पर है, तो हरक का जाना बीजेपी के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है.

 

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