चुनाव आयोग की टीम दक्षिण भारत के दौरे पर, फरवरी के आखिर में हो सकता है चुनाव का ऐलान

असम और पश्चिम बंगाल के बाद अब चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों की टीम बुधवार को छह दिवसीय दौरे पर तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल पहुंचेगी, जहां विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेंगी. इतना ही नहीं चुनाव आयोग की टीम राजनीतिक दलों के साथ भी चर्चा करेगी. 

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संजय शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 10 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST
  • दक्षिण भारत के तीन राज्यों का जायजा लेगा चुनाव आयोग
  • अप्रैल में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी
  • तीन राज्यों के 6 दिन के दौरे पर चुनाव आयोग की टीम

देश के पांच राज्यों में अप्रैल में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन अयोग ने कसरत शुरू कर दी है. असम और पश्चिम बंगाल के बाद अब चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों की टीम बुधवार को छह दिवसीय दौरे पर तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल पहुंचेगी, जहां विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेगी. इतना ही नहीं चुनाव आयोग की टीम राजनीतिक दलों के साथ भी चर्चा करेगी. 

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बता दें कि असम, बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभाओं का कार्यकाल मई से जून के बीच में समाप्त होने वाला है. ऐसे में इन सभी जगहों पर अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने दोनों साथी आयुक्तों और अन्य आला अधिकारियों के साथ दक्षिण भारत के इन तीनों राज्यों के विधानसभा चुनाव कराने की दिशा में फाइल खाका खींचेंगे. 

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त सुशील चन्द्रा तथा राजीव कुमार 10 और 11 फरवरी को तमिलनाडु में रहेंगे जबकि12 फरवरी को ये लोग पुडुचेरी में रहेंगे, वहीं, 13 और 14 फरवरी को केरल पहुंच कर वहां के चुनाव तथा प्रशासनिक अधिकारियों से बात करके चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे. चुनाव आयोग सामान्य तौर पर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा से पहले राज्यों का दौरा करता है. 

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चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों की टीम पश्चिम बंगाल और असम का दौरा कर चुकी है. चुनाव उपायुक्त स्तर पर तमिलनाडु, पुदुच्चेरी और केरल के दौरे हो चुके हैं, लेकिन अब ये फाइनल दौरा है. उम्मीद है इसके बाद फरवरी के चौथे हफ्ते या फिर मार्च के बिल्कुल शुरुआत में आयोग पांचों विधान सभाओं के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर देगा.आयोग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक ज्यादा संभावना तो फरवरी के अंतिम हफ्ते में ही चुनावी ऐलान की संभावना बनती दिख रही है. 

सूत्रों के मुताबिक अब तक इस मुद्दे पर बात चल रही है कि पश्चिम बंगाल में छह से आठ चरणों में और असम में दो या तीन चरणों में मतदान कराया जा सकता है. तमिलनाडु, केरल और पुदुच्चेरी में एक ही दिन एक ही चरण में मतदान कराया जा सकता हैं. हालांकि, मतगणना सभी पांचों राज्यों में एक दिन एक साथ ही होगी. 

आयोग के मुताबिक इस बात को भी ध्यान रखा जा रहा है कि चार मई से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं भी होनी है. लिहाज़ा एक मई से पहले ही चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. एक तरह से होली तक तो इन पांचों प्रदेशों में चुनावी सुरूर पूरे उफान पर होगा, क्योंकि चुनावी कार्यक्रम की घोषणा होते ही मार्च की शुरुआत से ही यहां उम्मीदवारों की सूची, नामांकन के पर्चे दाखिल करने, चुनावी सभाओं, प्रचार और नारे जुलूस का शोर शराबा होने लगेगा. यानी कुल मिलाकर मार्च और अप्रैल गहमागहमी से भरे रहेंगे. 

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