कौन हैं मेवा सिंह जो सीएम नायब सिंह सैनी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव? कांग्रेस ने लाडवा से बनाया उम्मीदवार

Ladwa Assembly Constituency: लाडवा निर्वाचन क्षेत्र कुरूक्षेत्र के थानेसर निर्वाचन क्षेत्र से अलग होकर बनाया गया था और यहां 2009 में पहला चुनाव हुआ. मेवा सिंह ने अपना पहला विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लड़ा और 22500 से अधिक वोट प्राप्त किए. वह 2011 में कांग्रेस में शामिल हुए.

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लाडवा में कांग्रेस के मेवा सिंह और बीजेपी के नायब सिंह सैनी में होगा मुकाबला. (ANI Photo) लाडवा में कांग्रेस के मेवा सिंह और बीजेपी के नायब सिंह सैनी में होगा मुकाबला. (ANI Photo)

चंद्र प्रकाश

  • कुरुक्षेत्र,
  • 07 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:36 AM IST

कुरुक्षेत्र के लाडवा विधानसभा क्षेत्र में इस बार जोरदार बहुकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है. कांग्रेस विधायक मेवा सिंह इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. ग्रैंड ओल्ड पार्टी ने एक बार फिर उन्हें ही लाडवा से अपना प्रत्याशी बनाया है. बीजेपी ने लाडवा से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मैदान में उतारा है. इनेलो ने पूर्व विधायक शेर सिंह बड़शामी को यहां से टिकट दिया है. जेजेपी-एएसपी गठबंधन इस सीट से जेजेपी के कुरुक्षेत्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणजीत नैन को मैदान में उतार सकता है. 

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चौ. मेवा सिंह का राजनीतिक सफर

मेवा सिंह ने 1985-86 में अपनी ग्रामसभा का सरपंच बनने से राजनीति शुरू की और इसके बाद जिला परिषद सदस्य बने और इनेलो की ओर से कुरुक्षेत्र जिला परिषद अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. लाडवा निर्वाचन क्षेत्र कुरूक्षेत्र के थानेसर निर्वाचन क्षेत्र से अलग होकर बनाया गया था और यहां 2009 में पहला चुनाव हुआ. मेवा सिंह ने अपना पहला विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लड़ा और 22500 से अधिक वोट प्राप्त किए. वह 2011 में कांग्रेस में शामिल हुए. इनेलो के शेर सिंह बड़शामी ने 2009 के चुनाव में यह सीट जीती थी. 

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पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और अजय चौटाला के साथ जेबीटी घोटाले में दोषी ठहराए जाने के बाद, उनकी पत्नी बचन कौर ने इस सीट से 2014 का चुनाव लड़ा और असफल रहीं. बाद में उनकी बहू को 2019 में हार का स्वाद चखना पड़ा. बड़शामी परिवार लाडवा में इनेलो का चेहरा रहा है. 2014 के चुनाव में बीजेपी के पवन सैनी ने लाडवा सीट पर बचन कौर बड़शामी को 3000 वोटों के करीबी अंतर से हराया था. वहीं 2019 में कांग्रेस के मेवा सिंह ने पवन सैनी को करीब 12000 वोटों से हराया था. 

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इस चुनाव की हॉट सीट बनी लाडवा

हाल के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया था. करुक्षेत्र लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले इस निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नवीन जिंदल को 66,045 वोट मिले थे, जबकि इंडिया ब्लॉक की उम्मीदवार सुशली गुप्ता को 57,295 वोट मिले थे. कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों के विपरीत, जहां भाजपा और कांग्रेस सीधी लड़ाई में हैं, लाडवा निर्वाचन क्षेत्र में बहुकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है. क्षेत्रीय दलों के लिए उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा अहम भूमिका निभाएगी. मौजूदा विधायक कांग्रेस के हैं जबकि इनेलो के बड़शामी की क्षेत्र में मजबूत पकड़ है. भाजपा ने लाडवा से मुख्यमंत्री नायब सैनी को मैदान में उतारकर इसे विधानसभा चुनाव की सबसे हॉट सीटों में से एक बना दिया है.

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लाडवा सीट पर जातीय समीकरण

लाडवा के चुनाव में जातीय समीकरण भी बड़ी भूमिका निभाएंगे. लाडवा सीट पर अच्छी खासी संख्या में सैनी और जाट समाज के वोटर्स हैं. करीब 30 हजार जाट और 36000 सैनी समाज के मतदाता हैं. इसके अलावा 20 हजार हरिजन, 20 हजार कश्यप, करीब 15 हजार वाल्मीकि और 9200 जाट सिख वोटर्स भी हैं. बीजेपी को लग रहा है कि नायब सिंह सैनी को लाडवा से उतारने से सैनी समाज का झुकाव बीजेपी की तरफ हो सकता है और इसका पार्टी को फायदा मिल सकता है. नायब सिंह सैनी की जाटलैंड में मजबूत पकड़ मानी जाती है. वह ओबीसी नेता हैं. बीजेपी को लगता है कि नायब सिंह सैनी समाज के अलावा, कुछ जाट वोट भी हासिल करेंगे. इसके अलावा अन्य समाज के मतदाता भी उन्हें वोट करेंगे. वहीं कांग्रेस चौधरी मेवा सिंह के जरिए जाट वोटरों को साधना चाह रही है.

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