'काउंटिंग सेंटर पर घुसे गुंडों ने मुझे पीटा, भवानीपुर में मुझे हराने के लिए खेला गंदा खेल...', ममता ने फोड़ा ऑडियो बम

टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी के साथ फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो शेयर किया है. ममता बनर्जी ने इस बातचीत में आरोप लगाया है कि काउंटिंग सेंटर में घुसे गुंडों ने उनसे मारपीट की और मतगणना को भी प्रभावित किया.

Advertisement
ममता बनर्जी भवानीपुर से अपनी सीट भी हार गई हैं ममता बनर्जी भवानीपुर से अपनी सीट भी हार गई हैं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:50 AM IST

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कल्यान बनर्जी ने सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी के साथ हुई एक टेलिफोनिक कन्वर्सेशन शेयर की. इस ऑडियो में सीएम रहीं ममता बनर्जी ने भवानीपुर के चुनाव परिणाम में धांधली के आरोप लगाए. उन्होंने ऑडियो में इस वोट चोरी का गंदा खेल बताते हुए इसके लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है.

Advertisement

ममता बनर्जी ने लगाए आरोप
इस बातचीत में ममता बनर्जी दावा कर रही हैं कि वह बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ काउंटिंग में 16वें राउंड तक आगे थीं, जबकि केवल कुछ ही राउंड बाकी थे. फोन कॉल में उन्हें यह आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है कि इलेक्शन प्रोसेस कम्प्रोमाइज्ड है, क्योंकि काउंटिग सेंटर्स में कथित तौर पर 'गुंडे' घुस आए और अफसरों और एजेंटों को डराया-धमकाया. ममता बनर्जी का आरोप है कि उनके साथ भी मार-पीट हुई है. 

उन्होंने आगे चुनाव आयोग, सीआरपीएफ और स्थानीय चुनाव अधिकारियों (DEO और RO) पर भी आरोप लगाया कि वे दिल्ली के निर्देश पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहे थे. 

भवानीपुर में रोमांचक रही चुनावी लड़ाई
काउंटिंग के दिन सोमवार को भवानीपुर की लड़ाई एक रोमांचक मुकाबले में बदल गई, जहां सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट खुलने के साथ ही कांटे की टक्कर शुरू हो गई. शुरुआती राउंड में ममता बनर्जी ने बढ़त बनाई और अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी पर करीब 2,000 वोटों की बढ़त हासिल की. दूसरे राउंड में अधिकारी ने पलटवार किया और 1,500 से ज्यादा वोटों की बढ़त बना ली. 

Advertisement

इसके बाद मुकाबला फिर पलटा और अगले राउंड में बनर्जी 898 वोटों की मामूली बढ़त के साथ आगे निकल गईं. इसके बाद एक दौर ऐसा आया जब बनर्जी का दबदबा रहा. सातवें राउंड तक उनकी बढ़त 17,000 वोटों से ज्यादा हो गई, जिसके बाद उनके घर के बाहर जश्न शुरू हो गया, हरे गुलाल उड़ाए गए और मिठाइयां बांटी गईं.

दो घंटे की बिजली कटौती से बदल गई स्थिति
पांच राउंड बाद उनकी बढ़त घटकर 7,184 रह गई, लेकिन अब भी मजबूत थी. 14वें राउंड के अंत तक यह बढ़त घटकर सिर्फ 4,000 वोट के आसपास रह गई, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया. इसके बाद मतगणना रोक दी गई और एक टीएमसी एजेंट को हटाए जाने के आरोप सामने आने लगे. यह ममता बनर्जी के लिए 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा ही पल था, जब वह शुभेंदु अधिकारी से आगे थीं, लेकिन दो घंटे की बिजली कटौती के बाद स्थिति बदल गई थी. इस बार भी वह तुरंत मतगणना केंद्र पहुंचीं, जहां पहले से ही शुभेंदु अधिकारी मौजूद थे.

सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट अंतिम राउंड में आया. तीन राउंड बाकी रहते ममता बनर्जी 564 वोटों से पीछे हो गईं और यह अंतर लगातार बढ़ता गया, जिससे टीएमसी को झटका लगा. उनकी नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी था कि कथित तौर पर टीएमसी के मतगणना एजेंटों को हटा दिया गया और उनकी जगह विपक्षी दलों के एजेंट बैठा दिए गए.

Advertisement

ममता बनर्जी ने कहा, 'वे आखिरी राउंड भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के थे, जो पूरी तरह हमारा इलाका है. उसी समय कुछ गुंडे मतगणना केंद्र में घुस आए, चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने मुझे मारा-पीटा और सीआरपीएफ की मदद से मेरे एजेंटों को बाहर निकाल दिया.'

ममता के तीन आरोप- पहले SIR, फिर बिजली कटौती और जबरन वोट चोरी
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतिम राउंड में उनके दल का कोई प्रतिनिधि मतगणना हॉल के अंदर मौजूद नहीं था और ईवीएम मशीनों को बिना सही तरीके से सील किए स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाया गया. उन्होंने कहा, 'मैं हॉल के बाहर हूं. मुझे अंदर जाने नहीं दिया जा रहा.' उन्होंने कहा कि लगातार 'टॉर्चर' किया जा रहा है, पहले SIR के जरिए मतदाताओं को हटाया गया और फिर बिजली कटौती व अफरातफरी के बीच उनके वोट 'जबर्दस्ती चोरी' कर लिए गए.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईवीएम मशीनों को बिना सील के इधर-उधर ले जाया गया और अंतिम राउंड की मतगणना में पारदर्शिता नहीं थी. ममता बनर्जी ने नतीजे को बीजेपी की जीत नहीं, बल्कि गंदा खेल बताते हुए इसे विपक्ष की नैतिक हार बताया. उन्होंने कहा कि 'सब कुछ दस्तावेजों में है और इसे कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी.'
उन्होंने यह भी कहा कि सबूत इकट्ठा कर लिए गए हैं और वकील के तौर पर कल्याण बनर्जी को पूरी जानकारी दी जा रही है.

Advertisement

वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराकर टीएमसी को बड़ा झटका दिया. यह नतीजा राजनीतिक रूप से बेहद अहम और प्रतीकात्मक माना जा रहा है. इस परिणाम ने उस सीट पर जीत दर्ज की, जिसे लंबे समय से बनर्जी का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता था, और इससे पश्चिम बंगाल में बीजेपी के उभार को भी मजबूती मिली.

अधिकारी ने 20 राउंड की गिनती के बाद 15,105 वोटों से जीत हासिल की. हालांकि मुकाबले की खासियत सिर्फ अंतिम अंतर नहीं था, बल्कि यह भी था कि गिनती किस तरह उतार-चढ़ाव से गुजरी, जहां ममता बनर्जी ने शुरुआत में बड़ी बढ़त बनाई, लेकिन धीरे-धीरे शुभेंदु अधिकारी आगे निकल गए.

क्यों खास है भवानीपुर का नतीजा
भवानीपुर का यह नतीजा इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसे बनर्जी की सबसे सुरक्षित सीट माना जाता था. शुभेंदु अधिकारी की जीत ने इस धारणा को तोड़ दिया और राज्य में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव का संकेत दिया. इस पूरे मुकाबले का पैटर्न 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा ही रहा, शुरुआत में बनर्जी की बढ़त, फिर धीरे-धीरे उनका पीछे होते जाना और अंत में अधिकारी की बढ़त. आखिरकार 15,105 वोटों से शुभेंदु अधिकारी की जीत ने न सिर्फ एक अहम राजनीतिक संदेश दिया, बल्कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के उभार को भी अंडरलाइन किया है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement