पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सबसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम में मतदान से ठीक दो दिन पहले चुनाव आयोग ने पुलिस ऑब्जर्वर को बदल दिया है. बताया जा रहा है कि ये फैसला तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा सोमवार को नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज पर बीजेपी के पक्ष में काम करने और शिकायतों पर कार्रवाई न करने के आरोपों के बाद लिया गया है.
दरअसल, नंदीग्राम में तनाव उस वक्त बढ़ गया जब सत्ताधारी टीएमसी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. पार्टी ने पुलिस ऑब्जर्वर को लिखे पत्र में दावा किया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ उनकी शिकायतों पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. टीएमसी ने इस मामले में आयोग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की थी. शिकायत मिलने के कुछ ही वक्त बाद आयोग ने पुलिस ऑब्जर्वर हितेश चौधरी को बदलने का आदेश जारी कर दिया.
नंदीग्राम की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले अखिलेश सिंह एक अनुभवी अधिकारी हैं. वह कोलकाता में सीबीआई के अधिकारी रह चुके हैं और वर्तमान में असम में आईजी के पद पर तैनात हैं. आयोग ने राज्य भर में कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए 84 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए हैं. नंदीग्राम से पहले मालदा और जंगीपुर में भी ऑब्जर्वर बदले जा चुके हैं. नंदीग्राम एक हॉट सीट है, जिससे सबकी नजरें वहां टिकी हैं.
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है, पहले चरण के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा तो दूसरे चरण के लिए मतदान 29 अप्रैल को होगा. चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
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