जीवन में कुछ करने की चाह हो, तो ऐसा कोई भी काम नहीं है जो आप नहीं कर सकते. आज हम ऐसे व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने जीवन में गरीबी के थपेड़े खाए, लेकिन विपरीत परिस्थितियों और बड़ी-बड़ी चुनौतियों के सामने कभी हार नहीं मानी. हम बात कर रहे हैं उद्यमी और कारोबारी हरिकिशन पिप्पल की कामयाबी की. जिन्होंने पीपल्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी लॉन्च की, जो अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के लिए जूते तैयार करती है.
गरीबी में बीता बचपन
हरिकिशन पिप्पल के पिता जूते बनाने की एक छोटी-सी दुकान चलाते थे. आमदनी ज्यादा थी नहीं थी इसलिए मुश्किल से घर-परिवार का खर्चा चलता था. पढ़ाई-लिखाई के खर्च के लिए हरिकिशन बचपन में ही मेहनत-मजदूरी करने लगे थे. वहीं कम पैसों के वजह से उनके परिवार का खर्चा पूरा नहीं हो पा रहा था, जिसके बाद परिवार वालों को बिना बताए अपने किसी रिश्तेदार से उधार में साइकिल रिक्शा मांगा और चलाने लगे.
रिक्शा चलाते वक्त कोई पहचान न ले, इसलिए चेहरे पर कपड़ा बांध लेते थे. फिर एक दिन हरिकिशन को एक फैक्ट्री में 80 रुपये की सैलरी वाली नौकरी मिल गई. उनकी पत्नी की सलाह पर हरिकिशन ने कुछ समय बाद बैंक से 15 हजार रुपये कर्ज लेकर अपनी पुरानी जूते की दुकान को ही दोबारा शुरू कर दिया. हालांकि पारिवारिक विवाद के कारण हरिकिशन और उनके परिवार को घर छोड़ना पड़ा. लेकिन उन्होंने अपने सपने का दामन नहीं छोड़ा.
लेकिन कहते हैं मेहनत एक दिन जरूर अपना रंग दिखाती है.जिसके बाद एक दिन हरिकिशन की जिंदगी में टर्निंग प्वॉइंट आया और उन्हें स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन से 10 हजार जोड़ी जूता बनाने का ऑडर मिला. इसके बाद हरिकिशन ने पीछे पलटकर कभी नहीं देखा.
हरिकिशन के पास इसके बाद बाटा से भी ऑर्डर आने लगा और इसी बीच उन्होंने पीपल्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी लॉन्च की, जिसमें वो अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के लिए जूते तैयार करने लगे. अपनी मेहनत और दूरदर्शिता के आधार पर हरिकिशन ने कामयाबी का परचम लहराया. इनकी कंपनी का टर्नओवर 100 करोड़ से ज्यादा है. हरिकिशन ने दिखाया अगर हौसला बुलंद हो दुनिया की कोई ताकत आपको नहीं रोक सकती.
प्रियंका शर्मा