नेपाल के स्कूलों ने चीनी भाषा पढ़ाना हुआ अनिवार्य

नेपाल के कई स्कूलों में चीनी भाषा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है. पढ़ें पूरी खबर...

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

प्रियंका शर्मा / aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2019,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

नेपाल के कई स्कूलों नेचीनी (मेंडरिन) भाषा सीखना अनिवार्य कर दिया है. चीनी सरकार के प्रस्ताव के मद्देनजर नेपाल के कई स्कूलों में अब इस भाषा को सिखाया जाएगा. 10 प्रसिद्ध निजी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और कर्मियों ने 'द हिमालयन टाइम्स' को बताया कि उनके संस्थान में मैंडरीन सीखना अनिवार्य कर दिया गया है.

एलआरआई स्कूल के संस्थापक और समिति के अध्यक्ष शिवराज पंत के अनुसार, पोखरा, धूलिकेल और देश के अन्य हिस्सों में कई निजी स्कूलों ने भी छात्रों के लिए मैंडरीन अनिवार्य कर दिया है.  स्कूल-स्तरीय शैक्षणिक पाठ्यक्रम डिजाइन करने वाले, पाठ्यक्रम विकास केंद्र में सूचना अधिकारी गणेश प्रसाद भट्टराई ने कहा, 'स्कूलों को विदेशी भाषा सिखाने की अनुमति है, लेकिन वे उसे छात्रों के लिए अनिवार्य नहीं कर सकते हैं.

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उन्होंने आगे कहा, "अगर किसी विषय को अनिवार्य बनाना है, तो यह तय करना हमारा काम है, न कि स्कूलों का. द हिमालयन टाइम्स से बात करने वाले स्कूलों को इस नियम के बारे में जानकारी है, लेकिन मुफ्त में मिल रहे मैंडरीन शिक्षकों को देखते हुए, उन्होंने इस नियम को अनदेखा कर दिया.

यूनाइटेड स्कूल के प्रधानाध्यापक कुलदीप नुपेन ने कहा, "चीनी दूतावास द्वारा नि:शुल्क शिक्षकों को उपलब्ध कराने पर सहमति के बाद हमने दो साल पहले ही अनिवार्य विषय के रूप में मंदारिन की शुरुआत कर दी थी.' अन्य कई स्कूलों ने भी इस बात की पुष्टि की कि मैंडरीन शिक्षकों का वेतन काठमांडू के चीनी दुतावास द्वारा दिया जाता है.

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