CBSE की ओर से आंसर शीट की जांच में मांगे गए पैसे को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुरी तरह भड़क गए हैं. उन्होंने OSM को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि अगर किसी छात्र के नंबर गलत आए हैं, तो उसे अपनी ही आंसर शीट फिर से चेक करवाने के लिए भारी रकम खर्च करनी पड़ती है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि छात्रों और अभिभावकों को जेबकतरों से सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि ये CBSE के अंदर ही बैठे हैं.
2000 रुपये तक देना पड़ सकता है
अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने बताया कि आंसर शीट की दोबारा से जांच के लिए एक छात्र को करीब 2000 रुपये तक भरने पड़ सकते हैं. आगे लिखा कि सोचिए जब चार लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डाले हैं तो सीबीएसई कितनी कमाई कर रहा है.
जब स्कैनिंग फोन से की गई हो तो, गलत मार्किंग तय है और उसे ठीक करवाने की कीमत बच्चा भर रहा है. गलती सीबीएसई की. सजा बच्चे को. कमाई सरकार की.
कमाई करने के आरोप
राहुल गांधी ने छात्रों और अभिभावकों से सवाल किया कि CBSE की गलती से नंबर गलत आए तो आपको क्या मिलता है? एक बिल जिसमें डिजिटल स्कैन कॉपी के लिए 100 रुपये पर सब्जेक्ट लगता है. वहीं, री टोटलिंग के लिए 100 रुपये पर पेपर लगते हैं. इतने से मन नहीं भरता है तो, पुनर्मूल्यांकन के 25 रुपये प्रति सवाल लगते हैं.
सेवा नहीं, कारोबार
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलतियों को सुधारा नहीं जाता है बल्कि बढ़ाया जाता है और इसकी सबसे बड़ी कीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं. अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से और अपने भविष्य से.
आजतक एजुकेशन डेस्क