उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रयागराज से एक ऐसी खबर आई है, जो हैरान भी करती है और परीक्षा के कड़े मानकों की हकीकत भी बयां करती है. यूपी लोक सेवा आयोग की अपर निजी सचिव (APS) परीक्षा-2023 में आयोग को कोई भी योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल सका है और इस पूरी भर्ती में किसी भी अभ्यर्थी का चयन नहीं हो पाया है.
टाइपिंग और आशुलेखन की कसौटी पर फेल हुए 4240 अभ्यर्थी
इस परीक्षा के कड़े नियमों और मानकों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 4240 अभ्यर्थी टाइपिंग में फेल हो गए हैं. आयोग के नियमानुसार, लिखित परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को हिन्दी आशुलेखन (Short-hand) में त्रुटिरहित न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट की गति प्राप्त करना अनिवार्य था. लेकिन द्वितीय चरण की परीक्षा में किसी भी अभ्यर्थी ने हिन्दी आशुलेखन में त्रुटिरहित न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट की गति नहीं प्राप्त की, जिसके चलते कोई भी अभ्यर्थी तृतीय चरण की परीक्षा में सफल घोषित नहीं किया गया.
खाली रह गईं सभी 331 सीटें
यह देश की उन चुनिंदा परीक्षाओं में से एक बन गई है जहां पद होने के बावजूद योग्य उम्मीदवार न मिलने के कारण सीटें खाली छोड़ दी गईं. यूपी लोक सेवा आयोग ने अपर निजी सचिव परीक्षा-2023 की कुल 331 रिक्तियों के सापेक्ष, द्वितीय चरण की परीक्षा के आधार पर तृतीय चरण की परीक्षा हेतु किसी भी अभ्यर्थी के सफल नहीं होने के कारण, सभी 331 रिक्तियों को आयोग ने अगली भर्ती के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया है.
आयोग के सचिव ने ये कहा
यह नतीजा उन छात्रों के लिए एक बड़ा सबक है जो शॉर्टहैंड और टाइपिंग जैसे व्यावहारिक कौशल को हल्के में लेते हैं. इस पूरे मामले और परीक्षा परिणाम को लेकर यह आधिकारिक जानकारी यूपी लोक सेवा आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने विज्ञप्ति जारी कर दी है.
पंकज श्रीवास्तव