बिहार के जिन लोगों ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग से 18 महीने का डीएलएड कोर्स किया है, उनके लिए अच्छी खबर नहीं है. राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी जिला शिक्षा निदेशक की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया गया है, जिसमें इस बात का ऐलान किया है कि जिन्हें ये कोर्स करने के बाद नियुक्त उन शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं.
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई भर्ती प्रक्रिया में नियमों के अनुपालन को लेकर की है. TRE-3 के नियुक्ति विज्ञापन में कंडिका-2 B (iv) में उल्लेख है कि शिक्षा विभाग, बिहार के पत्राक-22 3, दिनांक 07.12.2023 के आलोक में NIOS द्वारा प्रदत्त 18 महीने के डीएलएड कोर्स पर नियुक्ति मान्य नहीं होने के नियम का हवाला दिया है.
इसी प्रावधान का हवाला देते हुए विभाग ने ऐसे सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति को अमान्य मानते हुए उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इस आदेश के बाद राज्यभर में प्रभावित शिक्षकों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल देखा जा रहा है.
नौकरी पर पड़ेगी सीधा असर
सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं जिन्हें TRE–3 के तहत नियुक्ति मिली थी. अब इस नए आदेश के बाद उनकी नौकरी पर सीधा असर पड़ सकता है. हालांकि, विभागीय स्तर पर इस मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है.
नौकरी न देने की आई थी खबर
इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया था कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से 18 महीने का डीएलएड डिप्लोमा कोर्स 2 साल के डिप्लोमा के बराबर नहीं है जिसके बाद से ये भी खबर आई थी कि NIOS से 18 महीने का D.EL.Ed कोर्स करने वालों को नौकरी नहीं मिल पा रही है.
शशि भूषण कुमार