सईदाबाद स्थित सक्सेस द स्कूल की ओर से अनुशासनहीनता और प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन को लेकर एक मदर टीचर को नौकरी से निकाल दिया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल के सईदाबाद ब्रांच प्रबंधन ने इस संबंध में एक आधिकारिक टर्मिनेशन ऑर्डर जारी किया है. यह आदेश 16 जुलाई 2026 से ही प्रभावी कर दिया गया है. स्कूल प्रबंधन ने इस आदेश में स्पष्ट किया है कि शेख आयशा परवीन की सेवाएं अब सक्सेस द स्कूल के लिए समाप्त की जाती हैं और उनका इस संस्थान से अब कोई संबंध नहीं रहेगा.
भविष्य में नहीं कर सकती हैं दोबारा काम
इस मामले में सबसे बड़ी और अहम बात यह है कि स्कूल प्रशासन ने सिर्फ उनकी सेवा ही समाप्त नहीं की है बल्कि उन पर भविष्य के लिए भी एक बड़ा प्रतिबंध लगा दिया है. आदेश के मुताबिक, सुश्री शेख आयशा परवीन को सक्सेस ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की सभी शाखाओं और संस्थानों में भविष्य में किसी भी प्रकार के रोजगार या नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि वह भविष्य में कभी भी इस ग्रुप के किसी भी स्कूल या कॉलेज में नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगी.
गंभीर होता है यह कदम
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी शिक्षक के खिलाफ इस तरह की स्थायी अयोग्यता की कार्रवाई बेहद गंभीर होती है. आमतौर पर शिक्षण संस्थानों में ऐसे कड़े कदम तब उठाए जाते हैं जब प्रबंधन को पेशेवर लापरवाही, आचरण में गंभीर कमी या संस्थागत नियमों के उल्लंघन का सामना करना पड़ता है. कई रिपोर्ट्स में ऐसा माना जा रहा है कि उन्होंने क्लास 2 के छात्र कोन कलमा और सूरह फातिहा लिखने के लिए कहा था.
वायरल हो रहा लेटर
इस घटना के बाद सक्सेस ग्रुप के अन्य स्टाफ के बीच भी अनुशासन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. प्रबंधन ने इस कार्रवाई के जरिए यह साफ संदेश देने की कोशिश की है कि संस्थान की नीतियों और कार्यप्रणाली से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा. हालांकि, अब ये टर्मिनेशन लेटर तेजी से वायरल हो रहा है.
अब्दुल बशीर