देश के करीब सवा करोड़ छात्रों के भविष्य की चाबी जिस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पास है, वह इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े साख के संकट से गुजर रही है. नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा का पेपर लीक होना और उसके बाद 22.79 लाख छात्रों की परीक्षा को रद्द करना कोई पहली घटना नहीं है.
पिछले छह वर्षों में एनटीए ने 448 करोड़ रुपये से अधिक का सरप्लस (मुनाफा) तो कमाया, लेकिन देश के युवाओं को मिला तो सिर्फ परीक्षाओं का कैंसिलेशन, तकनीकी गड़बड़ियां और कोर्ट के चक्कर. वर्ष 2020 से लेकर 2026 के बीच एनटीए के जरिए आयोजित होने वाली छोटी-बड़ी परीक्षाओं का रिकॉर्ड खंगालें, तो ऐसी 12 प्रमुख परीक्षाएं (या उनके सत्र) सामने आते हैं जो पेपर लीक, हैकिंग, मार्क्स स्कैम या गंभीर प्रशासनिक विफलता के कारण चौतरफा विवादों और जांच के दायरे में रहे हैं.
फ्लैशबैक: 2020 से 2026 के बीच विवादों में घिरे NTA के 12 बड़े एग्जाम
1. NEET-UG 2026 (ऐतिहासिक विफलता और कैंसिलेशन)3 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा को 12 मई को पूरी तरह रद्द कर दिया गया. जांच में सामने आया कि परीक्षा से 15 दिन पहले ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम सर्किलों में घूम रहा 'गेस पेपर' असली प्रश्नपत्र से 100 से ज्यादा सवालों में हूबहू मैच कर गया था. मामला अब सीबीआई के पास है.
2. NEET-UG 2024 साल 2024 में भी रिजल्ट आते ही 67 छात्रों को पूरे 720 अंक मिलने और बिहार-गुजरात-झारखंड में पेपर लीक के पुख्ता सुरागों ने देश को हिला दिया था. पटना में सॉल्वर गैंग की गिरफ्तारियां हुईं, हजारीबाग में जले हुए पेपर मिले और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां माना गया कि परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई थी.
3. UGC-NET 2024 (डार्कनेट पर लीक और रद्दीकरण)जून 2024 में आयोजित होने के तुरंत बाद इस राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा को गृह मंत्रालय के इनपुट पर रद्द करना पड़ा, क्योंकि पेपर की शुचिता भंग होने और डार्कनेट पर प्रश्नपत्र लीक होने के अकाट्य प्रमाण मिले थे.
4. JEE Main 2021 (रिमोट एक्सेस हैकिंग रैकेट)देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग परीक्षा में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) को भी हैक कर लिया गया. सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि एक निजी कंसल्टेंसी फर्म ने रूसी हैकरों की मदद से परीक्षा केंद्रों के कंप्यूटरों का 'रिमोट एक्सेस' लेकर छात्रों को अवैध तरीके से पेपर सॉल्व करवाया था.
5. JEE Main 2020 (असम टॉपर घोटाला)साल 2020 में असम के राज्य टॉपर नील नक्षत्र दास ने खुद परीक्षा देने के बजाय एक प्रॉक्सी (डमी कैंडिडेट) को बिठाया और 99.8 परसेंटाइल हासिल कर लिया. इस मामले में कोचिंग संचालक और परीक्षा केंद्र के इनविजीलेटर समेत कई लोग गिरफ्तार हुए.
6. NEET-UG 2020 (स्कोरकार्ड की गंभीर विसंगतियां)मध्य प्रदेश की एक छात्रा विधि सूर्यवंशी को एनटीए ने केवल 6 अंक थमा दिए, जिससे दुखी होकर उसने आत्महत्या कर ली. बाद में ओएमआर शीट की जांच हुई तो पता चला कि उसके वास्तव में 590 अंक थे. इसी तरह मृदुल रावत नाम के छात्र को फेल घोषित किया गया, जबकि बाद में वह एसटी कैटेगरी का ऑल इंडिया टॉपर निकला.
7. JEE Main 2022 (सॉफ्टवेयर और तकनीकी ग्लिच)इस साल छात्रों को परीक्षा के दौरान भीषण तकनीकी खामियों (Technical Glitches) का सामना करना पड़ा. रिस्पॉन्स शीट और आंसर की में बड़े पैमाने पर मिसमैच हुआ, जिससे छात्रों के परसेंटाइल गिर गए और एनटीए ने दोबारा परीक्षा कराने से साफ मना कर दिया.
8. JEE Main 2024 - सेशन 1 (जनवरी सत्र में असमान वितरण)छात्रों ने आरोप लगाया कि एनटीए ने अलग-अलग शिफ्टों में छात्रों का बंटवारा बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से किया. 27 और 29 जनवरी की शुरुआती शिफ्टों में क्षमता से कहीं ज्यादा छात्र डाल दिए गए, जिससे सामान्यीकरण (Normalization) की प्रक्रिया में भारी विसंगतियां आईं और कट-ऑफ अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया.
9. JEE Main 2024 - सेशन 2 (अप्रैल सत्र में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा)अप्रैल सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बायोमेट्रिक जांच के दौरान नोएडा समेत देश के कई हिस्सों से दूसरों के स्थान पर परीक्षा देने (Impersonation) और हाई-टेक नकल के मामले आए, जिसके बाद एनटीए ने 39 उम्मीदवारों को तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया.
10. CUET-UG 2022 (शुरुआती सत्र का तकनीकी दुःस्वप्न)जब पहली बार कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) लागू हुआ, तो सर्वर क्रैश होने, अंतिम समय पर परीक्षा केंद्र बदलने और कंप्यूटर स्क्रीन हैंग होने के कारण दर्जनों केंद्रों पर परीक्षाएं कई-कई दिनों के लिए टालनी पड़ीं, जिससे लाखों छात्र मानसिक अवसाद का शिकार हुए.
11. CUET-UG 2024 (आंसर-की और इवैल्यूएशन पर भारी बवाल) इस साल प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद इतिहास, राजनीति विज्ञान और भाषाओं के पेपरों में दर्जनों सवालों के जवाब गलत पाए गए. छात्रों को प्रति प्रश्न ₹200 देकर आपत्तियां दर्ज करानी पड़ीं, जिसने एनटीए के प्रश्नपत्र बनाने वाले 'विशेषज्ञों' की योग्यता पर गंभीर सवाल खड़े किए.
12. NEET-PG 2024 (ऐहतियातन ऐन वक्त पर परीक्षा टालना)नीट-यूजी और यूजीसी-नेट विवादों के ठीक बीच में, स्वास्थ्य मंत्रालय और एनटीए ने सुरक्षा का हवाला देते हुए नीट-पीजी की परीक्षा को निर्धारित समय से मात्र कुछ घंटे पहले स्थगित कर दिया, जिससे यात्रा कर केंद्रों तक पहुंच चुके डॉक्टरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी.
मानसी मिश्रा