एयरफोर्स के विमानों से एग्जाम सेंटर तक पहुंचेंगे NEET पेपर? री-नीट के ल‍िए हो रही ये तैयारियां

नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक के बाद सरकार ने 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए वायुसेना के विमानों का उपयोग करने पर विचार शुरू कर दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस रणनीति पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम निर्णय लेंगे.

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इंड‍ियन एयरफोर्स का कार्गो प्लेन ले जाएगा पेपर या नहीं, तय करेंगे पीएम इंड‍ियन एयरफोर्स का कार्गो प्लेन ले जाएगा पेपर या नहीं, तय करेंगे पीएम

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक और फजीहत के बाद अब सरकार आगामी 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को पूरी तरह 'फूलप्रूफ' बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाने जा रही है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सरकार परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित और बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों का इस्तेमाल करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है.

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राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग
इस बड़े और रणनीतिक कदम को लेकर दिल्ली में एक अत्यंत उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए.

वायुसेना के इस्तेमाल पर मंथन: सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि क्या 21 जून की परीक्षा के प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए वायुसेना के विमानों की मदद ली जा सकती है.

पीएम मोदी लेंगे अंतिम फैसला: हालांकि, इस विकल्प पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. इस पूरे प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा.

पीएमओ की सीधी नजर: सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद व्यक्तिगत रूप से 21 जून को होने वाले री-टेस्ट की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया के हर छोटे-बड़े अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं.

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पेपर सेट करने से लेकर सिक्योरिटी अरेंजमेंट 
गुरुवार को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में केवल ट्रांसपोर्टेशन ही नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को कसने पर जोर दिया गया. इस बैठक में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के कई आला अफसर मौजूद रहे. बैठक में इन मुख्य बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई:

शिक्षकों द्वारा प्रश्नपत्रों को सेट किया जाना.
प्रश्नपत्रों की सुरक्षित प्रिंटिंग (छपाई).
पेपरों का कस्टडी सेंटर्स तक ट्रांसपोर्टेशन और फाइनल सुरक्षा व्यवस्था.

3 मई से लेकर री-टेस्ट तक की पूरी टाइमलाइन
3 मई को हुई थी परीक्षा: एनटीए (NTA) द्वारा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके लिए करीब 23 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था.

7 मई को मिला इनपुट: परीक्षा के चार दिन बाद, यानी 7 मई की शाम को एनटीए को परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अनियमिताओं की जानकारी मिली.

8 मई को स्वतंत्र जांच: अगले ही दिन सुबह एनटीए ने इन इनपुट्स को स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया.

12 मई को परीक्षा रद्द: पेपर लीक के आरोपों और विसंगतियों के बीच 12 मई को एनटीए ने नीट-यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया और 21 जून को री-एग्जामिनेशन की तारीख घोषित की.

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सीबीआई (CBI) की देशव्यापी कार्रवाई: अब तक 13 गिरफ्तार
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में केस दर्ज किया था. जांच एजेंसी ने मामले की तफ्तीश के लिए विशेष टीमों का गठन किया, जिन्होंने देश भर में छापेमारी कर अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

ये गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्या नगर से हुई हैं. सीबीआई ने पहले ही साफ कर दिया है कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने के असली सोर्स का पता लगा लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है.

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