उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर इस बार एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे परीक्षा देने जा रही लाखों शादीशुदा महिलाओं और अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है. अक्सर परीक्षाओं में कड़े सुरक्षा नियमों के नाम पर कलावा काटने या मंगलसूत्र उतरवाने की तस्वीरें सामने आती हैं, जिससे अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. भर्ती बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर कलावा या मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीकों को पहनने पर कोई पाबंदी नहीं होगी और चेकिंग के दौरान इन्हें जबरन हटवाया नहीं जाएगा.
स्मार्ट गैजेट्स पर 'डिजिटल' पहरा
यह परीक्षा आठ जून से शुरू हो रही है. इस बार परीक्षा केंद्र में धार्मिक आस्था को सम्मान देने के साथ ही बोर्ड ने परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया है. इस बार नकल माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां और भी हाईटेक हो चुकी हैं. बोर्ड ने विशेष तौर पर निर्देश दिए हैं कि 'स्मार्ट मेटा चश्मे', इलेक्ट्रॉनिक पेन और अन्य छिपे हुए स्मार्ट गैजेट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाए. सख्ती का आलम यह होगा कि परीक्षा ड्यूटी में तैनात रहने वाले कर्मचारी और शिक्षक भी केंद्र के भीतर अपना मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे. सुरक्षा को देखते हुए एग्जाम सेंटर पर सीसीटीवी की नजरें लगी रहेंगी.
28 लाख अभ्यर्थी, 75 जिले और महापरीक्षा
यह उत्तर प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक होने जा रही है. आगामी 8 से 10 जून के बीच होने वाली इस सिपाही भर्ती परीक्षा में 32,679 पदों के लिए प्रदेश भर से 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे. परीक्षा को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 1183 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे.
संतोष शर्मा