पर्यटन और आतिथ्य कौशल परिषद (THSC) की रिपोर्ट बताती है कि भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में साल 2028 तक करीब 30 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. इसके अलावा रिपोर्ट कहती है कि घरेलू पर्यटन में बढ़ोतरी, नए होटल और सुविधाओं के विस्तार और खाने-पीने और ठहरने की बढ़ती मांग के चलते इस क्षेत्र में काम करने वालों की संख्या 2024 के 1.18 करोड़ से बढ़कर 2028 तक 1.48 करोड़ तक पहुंच सकती है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
आंकड़े बताते हैं कि पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में होटल, रेस्तरां और फूड सर्विस से जुड़े काम सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्र बने रहेंगे. रिपोर्ट के अनुसार, इस सेक्टर में कुल नौकरियों का करीब 93 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं सेवाओं से आता है. इसके अलावा अनुमान लगाया जा रहा है कि इन क्षेत्रों में रोजगार 2024 के 1.1 करोड़ से बढ़कर 2028 तक 1.38 करोड़ हो जाएगा यानी अगले कुछ सालों में बनने वाली हर 10 नई नौकरियों में से करीब 9 नौकरियां होटल, कैफे, रिसॉर्ट और अन्य खाद्य सर्विस से जुड़ी होगी.
हर लेवल पर मिलेगी नौकरी
रिपोर्ट के मुताबिक, इन क्षेत्रों में नौकरियां सिर्फ विशेषज्ञ लोगों तक सीमित नहीं रहेंगी बल्कि हर स्तर के कर्मचारियों के लिए अवसर पैदा होंगे.
अनुमान है कि आने वाले समय में बनने वाली करीब 30 लाख नई नौकरियों में लगभग 11 लाख पद स्किल कर्मचारियों के लिए, 11 लाख सेमी स्किल्ड कर्मचारियों के लिए और करीब 8 लाख नौकरियां शुरुआती या बिना ज्यादा स्किल वाले लोगों के लिए होंगी.
इसका मतलब है कि यह सेक्टर नए लोगों के साथ-साथ अनुभवी कर्मचारियों के लिए भी रोजगार के अच्छे मौके देता रहेगा.
होटलों में होगी अच्छी हायरिंग
इसके साथ ही रिपोर्ट में कई ऐसे पदों की पहचान की गई है जिसमें आने वाले सालों में मांग बढ़ सकती है. होटल क्षेत्र में बैंक्वेट मैनेजर और असिस्टेंट शेफ जैसे पदों पर ज्यादा अवसर मिल सकते हैं. वहीं, खाद्य सेवा क्षेत्र में असिस्टेंट शेफ और बरिस्ता एग्जीक्यूटिव जैसी नौकरियां तेजी से बढ़ने वाले पदों में शामिल हैं. जैसे-जैसे होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में डिजिटल तकनीक का यूज बढ़ रहा है, वैसे-वैसे डिजिटल मार्केटिंग और रेवेन्यू मैनेजमेंट से जुड़े एक्सपर्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. यह बदलाव दिखाता है कि अब यह क्षेत्र पारंपरिक सेवाओं के साथ-साथ तकनीक के इस्तेमाल पर भी तेजी से ध्यान दे रहा है.
इस राज्यों में बढ़ेगी मांग
रिपोर्ट में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को उन राज्यों के रूप में पहचाना गया है जहां अगले चार सालों में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में कामगारों की मांग में सबसे अधिक वृद्धि होने की संभावना है. उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी रोजगार में स्थिर वृद्धि दर्ज की जाने की उम्मीद है.
आजतक एजुकेशन डेस्क