बोर्ड एग्जाम के वक्त छोटी सी गलती भी भारी पड़ जाती है. इसलिए पेपर देते हुए इन प्वाइंट्स का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.
अक्सर टीचर शिकायत करते हैं कि बच्चे रिटन शीट को गंदा करते हैं. गंदा करने का मतलब है कांट-छांट करना. कई कॉपियों में प्रश्नों को काटकर दोबारा उत्तर लिखा गया होता है. इससे लैंग्वेज पेपर्स पर काफी फक्र पड़ता है.
खराब राइटिंग के भी मार्क्स कटते हैं. रिटन शीट पर अपना नाम और स्कूल का नाम लिखने की जरूरत नहीं है.
क्वेश्चन पेपर को अच्छे से पढ़कर ही आंसर लिखना शुरू करें. कठिन सवालों को पहले करने की जल्दबाजी ना करें. इससे समय वेस्ट हो जाता है और कई बार आता हुआ आंसर भी छूट जाता है.
अगर कोई क्वेश्चन करते हुए ज्यादा टाइम लग रहा है तो उसे छोड़कर आगे बढ़ें. बाद में टाइम बचने पर उसे फिर करें.
लास्ट में आंसर शीट को ना पढ़ने से कोई गलती छूट सकती है. कभी कोई प्वाइंट भी आप मिस कर सकते हैं. इसलिए अंत में 5 मिनट का समय बचाकर एक बार फिर आंसर शीट को पढ़ लें.