सनातनी ह‍िंदू, 20 साल का तजुर्बा, 70 से कम उम्र... ये होगा राम मंदिर में CEO बनने का क्राइटेर‍िया

अयोध्या राम मंदिर के CEO पद के लिए समिति ने पात्रता मानदंड अंतिम रूप दिया है जिसमें हिंदू धर्म का अनुयायी होना, स्नातक डिग्री और प्रशासन या वित्त में 20 साल का अनुभव जरूरी है. चयनित अधिकारी का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और उसे अयोध्या में रहना अनिवार्य होगा.

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Ram Mandir CEO Recruitment Ram Mandir CEO Recruitment

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:13 PM IST

अयोध्या राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की निगरानी के लिए गठित समिति ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बैठक की. इस बैठक में सीईओ पद के लिए पात्रता मानदंड को अंतिम रूप दे दिया गया है. अगर आप भी इस पद के लिए जरूरी योग्यताएं जानना चाहते हैं, तो नीचे दी गई डिटेल्स को ध्यान से पढ़ें. 

क्या है CEO पद के लिए क्राइटेरिया?
धार्मिक आस्था: आवेदक का हिंदू धर्म का अनुयायी (सनातनी हिंदू) होना अनिवार्य है.

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शैक्षणिक योग्यता व अनुभव: आवेदक का ग्रेजुएट (स्नातक) होना जरूरी है. साथ ही एडमिनिस्ट्रेशन (प्रशासन) या फाइनेंस (वित्त) में कम से कम 20 साल का अनुभव होना चाहिए.

उम्र सीमा: आवेदक की उम्र 70 वर्ष से कम होनी चाहिए.

अतिरिक्त प्राथमिकता: जिन उम्मीदवारों के पास पहले से मंदिर प्रबंधन (Temple Management) का अनुभव है, उन्हें चयन में प्राथमिकता दी जाएगी.

कार्यकाल और नियम
चयनित सीईओ को शुरुआत में तीन साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाएगा. इस कार्यकाल के दौरान अधिकारी को अनिवार्य रूप से अयोध्या में ही निवास करना होगा.

आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
इस पद के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई तय की गई है.
आवेदन प्राप्त करने के लिए एक समर्पित ईमेल आईडी बनाई जा रही है.
आवेदन मिलने के बाद, समिति शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के साथ बातचीत करेगी और फिर अंतिम चयन किया जाएगा.

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इस पूरी चयन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक सचिव (Secretary) की नियुक्ति का भी फैसला लिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, अगले एक महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास है..

ट्रस्ट के सदस्य ने दावों को किया खारिज
श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की वीआईपी दर्शन पास आईडी को ब्लॉक कर दिया है. उन्होंने पुष्टि की कि चंपत राय की आईडी का उपयोग करके पास जारी किए जा रहे हैं और मौजूदा व्यवस्था अभी भी जारी है.

पुलिस जांच पर पूरा भरोसा
कथित गबन के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है, और विशेष जांच दल (SIT) इसकी जांच कर रही है. अयोध्या पुलिस ने इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों में से एक, अनुकल्प मिश्रा से हिरासत में पूछताछ शुरू कर दी है. इस पर महंत दिनेन्द्र दास ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि दान के प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है. पुलिस अपना काम कर रही है और चोरों को पकड़कर सजा दिलाएगी.

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