AI से UPSC तक...!  संस्कृत बनी नई चॉइस, इन टॉप संस्थानों में खुले हैं एडमिशन के रास्ते

गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां संस्कृत जानने वाले भाषा अभियंताओं को अच्छी सैलरी पर नियुक्त कर रही हैं. देश के शीर्ष केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संस्कृत के विभिन्न कोर्सेज उपलब्ध हैं, जो छात्रों को आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने में मदद करते हैं.

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Persian vs Sanskrit origin (Photo : Pexels) Persian vs Sanskrit origin (Photo : Pexels)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

लंबे समय तक जिसे सिर्फ पूजा-पाठ या मृत भाषा कहकर नजरअंदाज़ किया जा रहा था, आज वही संस्कृत भारत की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और एआई (AI) क्रांति का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है. आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ती उपयोगिता के कारण युवाओं के बीच संस्कृत में करियर बनाने का क्रेज तेजी से बढ़ा है.

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अब संस्कृत पढ़ने वाले युवा सिर्फ स्कूलों में अध्यापन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गूगल जैसी टेक कंपनियों में 'लैंग्वेज इंजीनियर' बनकर लाखों के पैकेज उठा रहे हैं. अगर आप भी इस बदलते दौर में संस्कृत में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो देश के टॉप संस्थानों में इसके कई बेहतरीन कोर्सेज के दरवाजे खुले हैं.

टेक कंपनियों में 'लैंग्वेज इंजीनियर' की भारी डिमांड
आजकल गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और तमाम बड़ी एआई (AI) कंपनियां नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) पर तेजी से काम कर रही हैं. कंप्यूटर कोडिंग और एआई एल्गोरिदम के लिए संस्कृत के व्याकरण को सबसे सटीक माना गया है. ऐसे में टेक कंपनियां संस्कृत जानने वाले युवाओं को अच्छे पैकेज पर हायर कर रही हैं ताकि प्राचीन ग्रंथों और भारतीय भाषाओं को मशीनों के समझने योग्य बनाया जा सके.

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इसके अलावा, छात्र एमए संस्कृत के बाद यूपीएससी (UPSC), भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) में रिसर्च, डिजिटल एडटेक और कंटेंट क्रिएशन में भी शानदार करियर बना रहे हैं. अगर आप संस्कृत में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या कोई स्पेशल कोर्स करना चाहते हैं, तो देश के इन शीर्ष केंद्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डिटेल्स देख सकते हैं.

इन टॉप संस्थानों से करें संस्कृत में कोर्स 
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा (CUH) में MA संस्कृत के लिए आवेदन की प्रक्रिया इस समय जारी है. इस कोर्स के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है. किसी भी विषय से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र इसके लिए पात्र हैं.


सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी (CSU), नई दिल्ली:
यह दुनिया की सबसे बड़ी संस्कृत यूनिवर्सिटीज में से एक है. यहाँ से आप शास्त्री (BA), आचार्य (MA) के अलावा 'संस्कृत कम्प्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स' (Computational Linguistics) और डिजिटल कोर्सेज कर सकते हैं, जो आपको सीधे टेक और एआई सेक्टर के लिए तैयार करते हैं.

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (SLBSRS), नई दिल्ली:
इस प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय में पारंपरिक संस्कृत ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक विषयों का बेहतरीन तालमेल है. यहाँ ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, योग के साथ-साथ कंप्यूटर एप्लीकेशन और भाषा विज्ञान के कई एडवांस कोर्सेज उपलब्ध हैं.

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नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी (NSU), तिरुपति:
दक्षिण भारत का यह प्रमुख केंद्र संस्कृत शिक्षा, रिसर्च और पांडुलिपियों (Manuscripts) के डिजिटलाइजेशन के लिए जाना जाता है. यहाँ से कंप्यूटर साइंस और संस्कृत के कॉम्बिनेशन वाले अनोखे कोर्स किए जा सकते हैं.

एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के अनुसार NEP 2020 का उद्देश्य भारत को उसकी जड़ों से जोड़ना है. संस्कृत केवल साहित्य नहीं, बल्कि विज्ञान, गणित, आयुर्वेद और कानून का आधार है.  वहीं, संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. पायल चंदेल ने बताया कि जो छात्र अपनी जड़ों से जुड़कर भविष्य की तकनीक और प्रशासन में योगदान देना चाहते हैं, उनके लिए संस्कृत आज सबसे मजबूत और संभावनाओं से भरा सेतु बन चुकी है.
 

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