अमेरिका में इन दिनों पाकिस्तान के परमाणु बमों और मिसाइलों को लेकर खूब चर्चा हो रही है. अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने 18 मार्च 2026 को सीनेट में चेतावनी दी कि पाकिस्तान लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा है, जो अमेरिका के मुख्य इलाके तक पहुंच सकती हैं.
उन्होंने पाकिस्तान को रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के साथ सबसे बड़े परमाणु खतरे में शामिल किया. ईरान के बाद अब पाकिस्तान का नाम आने से अमेरिका में डर फैल गया है. लेकिन सवाल है – पाकिस्तान के पास कितने परमाणु बम हैं? क्या ये अमेरिका को असली खतरा पहुंचा सकते हैं?
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तुलसी गबार्ड की चेतावनी और अमेरिका का डर
तुलसी गबार्ड ने कहा कि पाकिस्तान, रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान नई मिसाइलें बना रहे हैं, जो परमाणु या सामान्य बम ले जा सकती हैं. अमेरिका की जमीन को निशाना बना सकती हैं. अभी अमेरिका पर मिसाइलों का खतरा 3000 से ज्यादा है, लेकिन 2035 तक ये बढ़कर 16,000 हो सकता है.
अमेरिका को आशंका है पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) अमेरिका तक पहुंच सकती हैं. ईरान का नाम पहले आ रहा था क्योंकि उसका परमाणु कार्यक्रम और मिसाइलें चर्चा में थे, लेकिन अब पाकिस्तान का मिसाइल प्रोग्राम अमेरिका को ज्यादा चिंता में डाल रहा है.
अमेरिका कह रहा है कि पाकिस्तान का ये विकास भारत के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन अब ये अमेरिका के लिए भी खतरा बन सकता है.
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पाकिस्तान के पास कितने परमाणु बम हैं?
SIPRI और Federation of American Scientists – FAS के अनुसार मार्च 2026 तक पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु बम हैं. ये संख्या पिछले कई सालों से लगभग स्थिर है. कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि इस सदी के अंत तक ये 200 तक पहुंच सकती है.
ये बम दो तरह के हैं – कुछ यूरेनियम से बने (HEU) और कुछ प्लूटोनियम से बने. पाकिस्तान दुनिया का 7वां सबसे बड़ा परमाणु हथियार वाला देश है. ये बम छोटे-छोटे युद्ध क्षेत्र में इस्तेमाल के लिए (टैक्टिकल न्यूक्लियर) और लंबी दूरी के लिए (स्ट्रैटेजिक) दोनों तरह के हैं.
पाकिस्तान की परमाणु मिसाइलें – क्या अमेरिका तक पहुंच सकती हैं?
पाकिस्तान की सबसे महत्वपूर्ण मिसाइलें ये हैं...
अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान इनसे आगे बढ़कर बहुत बड़े रॉकेट मोटर बना रहा है, जो ICBM (5500+ किमी रेंज) बनाने में मदद करेगा. पाकिस्तान से अमेरिका की दूरी लगभग 12000 किलोमीटर है, इसलिए अगर ICBM बन गया तो परमाणु हमला अमेरिका तक संभव है.
पाकिस्तान का पूरा परमाणु कार्यक्रम भारत को रोकने के लिए शुरू हुआ था, लेकिन अब ये तेजी से बढ़ रहा है. पाकिस्तान परमाणु बमों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ मिसाइलों को भी बेहतर बना रहा है.
क्यों अमेरिका इतना चिंतित है?
पहले पाकिस्तान की मिसाइलें सिर्फ भारत तक सीमित थीं, लेकिन अब लंबी दूरी की मिसाइलें अमेरिका को भी खतरे में डाल रही हैं. तुलसी गबार्ड ने साफ कहा कि पाकिस्तान का मिसाइल प्रोग्राम ICBM की तरफ जा रहा है.
अमेरिका में ये चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि ईरान के साथ तनाव चल रहा है. अब पाकिस्तान भी उसी लिस्ट में आ गया है. पाकिस्तान के पास परमाणु बम हैं, लेकिन डिलीवरी सिस्टम यानी मिसाइल प्रोग्राम मजबूत हो रहा है. इसलिए खतरा बढ़ रहा है.
हालांकि पाकिस्तान कहता है कि ये कार्यक्रम सिर्फ रक्षा के लिए है. अमेरिका को कोई खतरा नहीं. लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं.
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आगे क्या होगा?
ईरान के बाद पाकिस्तान का नाम आने से अमेरिका में परमाणु बमों की चर्चा तेज हो गई है. पाकिस्तान के पास अभी 170 परमाणु बम हैं. मिसाइल प्रोग्राम तेजी से आगे बढ़ रहा हैं. तुलसी गबार्ड की चेतावनी के बाद अमेरिका और सतर्क हो गया है. अभी पाकिस्तान का ICBM तैयार नहीं हुआ है, लेकिन प्रोग्राम चल रहा है.
ऋचीक मिश्रा