भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज राजस्थान के जैसलमेर स्थित वायु सेना स्टेशन में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी. यह उनकी पहली प्रचंड उड़ान है. Photo: PTI
राष्ट्रपति ने दो हेलीकॉप्टरों के साथ फॉर्मेशन में उड़ान भरी. वे लीड एयरक्राफ्ट में ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ थीं. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे हेलीकॉप्टर में थे. Photo: PTI
25 मिनट की यह मिशन उड़ान बहुत खास रही. राष्ट्रपति ने गड़िसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी. फिर एक टैंक टारगेट पर हमला भी किया. Photo: PTI
उड़ान के बाद राष्ट्रपति ने विजिटर्स बुक में लिखा- भारत के स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान मेरे लिए बहुत समृद्ध अनुभव रहा. इस उड़ान ने मुझे देश की रक्षा क्षमता पर नया गर्व महसूस कराया है. मैं भारतीय वायुसेना और जैसलमेर एयर फोर्स स्टेशन की पूरी टीम को इस सफल उड़ान के लिए बधाई देती हूं. Photo: PTI
2023 में सुखोई-30 MKI में और 2025 में राफेल में उड़ान भर चुकी हैं. आज प्रचंड में उड़ान भरी. इससे साफ है कि राष्ट्रपति देश के स्वदेशी हथियारों को बढ़ावा दे रही हैं. Photo: PTI
आज शाम राष्ट्रपति जैसलमेर में भारतीय वायुसेना के बड़े युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति’ देखेंगी. इस अभ्यास में वायु सेना के ताकतवर विमान और हेलीकॉप्टर अपनी पूरी ताकत दिखाएंगे. प्रचंड हेलिकॉप्टर पूरी तरह भारत में बना (HAL द्वारा विकसित). ऊंचे पहाड़ों, रेगिस्तान और जंगलों में आसानी से उड़ सकता है. दुश्मन के टैंक, बंकर और हेलीकॉप्टर को नष्ट कर सकता है. दुनिया का सबसे हल्के कॉम्बैट हेलीकॉप्टर में से एक. Photo: PTI
राष्ट्रपति की इस उड़ान से पूरे देश में स्वदेशी रक्षा तकनीक पर गर्व की लहर दौड़ गई है. यह दिखाता है कि भारत अब अपनी रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह यात्रा भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों और स्वदेशी हथियारों को नई ऊर्जा दे रही है. Photo: PTI