उन्नाव के बाद मऊ जेल का वीडियो वायरल, अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश

मऊ जेल का वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद जेल प्रशासन की किरकिरी हो गई. फिर सवाल उठना लाजमी था कि क्या यूपी की जेल में गांजा, चरस और अफीम धड़ल्ले से बिकता है?

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पुलिस मामले की छानबीन कर रही है (फोटो- आजतक) पुलिस मामले की छानबीन कर रही है (फोटो- आजतक)

परवेज़ सागर / कुमार अभिषेक

  • मऊ,
  • 10 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 1:09 PM IST

यूपी की जेल में अपराधियों की ऐश है. उन्नाव के बाद अब मऊ जेल का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि मऊ जेल में पैसे के दम पर चरस, गांजा और अफीम के साथ-साथ कुछ भी खरीदा जा सकता है. उस वीडियो के वायरल हो जाने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. अब इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं.

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मऊ जेल का वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद जेल प्रशासन की किरकिरी हो गई. फिर सवाल उठना लाजमी था कि क्या यूपी की जेल में गांजा, चरस और अफीम धड़ल्ले से बिकता है? क्या यूपी की जेल में कैदी बेखौफ होकर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं? क्या यूपी की जेल में कैदियों को लजीज और पसंद का खाना खाने की आजादी है?

दरअसल, जेल के भीतर कैदियों की आजादी का वीडियो जबरदस्त वायरल हुआ. इसके बाद जेल प्रशासन और यूपी पुलिस हरकत में आ गए और वीडियो की जांच शुरू हो गई. वीडियो से साफ है कि मऊ जेल में नशे का कारोबार भी फल-फूल रहा है.

वीडियों से साफ है कि रिश्वत देकर इस जेल में कैदी मजे की जिंदगी जी सकते हैं. पैसा फेंकिए और मटन-चिकन जो चाहे खाइए-पीजिए. एक वीडियो में तो साफ-साफ देखा जा रहा है कि कैसे नशेबाजी की जगह भी तय है.

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बाते दें कि कुछ दिन पहले ही उन्नाव जेल का एक वीडियो सामने आया था. जेल के अंदर की वो तस्वीरें भी आंखें खोल देने वाली थीं. मऊ जेल का वीडियो सामने आने के बाद यूपी पुलिस और प्रशासन में खलबली है. सीएम योगी अपराधियों को जेल भिजवाने का दावा करते हैं लेकिन अगर जेल के भीतर भी मौज का इंतजाम हो तो फिर ऐसी कार्रवाई का क्या मतलब.

अब इस मामले पर जेल प्रशासन ने सफाई पेश की है. जेल प्रशासन ने वीडियो को पुराना बताया है. जांच की बात भी कही है. पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो की जानकारी हुई. वीडियो बनाने वाले का दावा है कि यह मऊ जेल का विडियो है. वीडियो में कुछ बातें हैं, जिस पर जांच कराए जाने कि जरुरत है. इस मामले की जांच स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) को दी गई है. 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जाएगी.

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