पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद दरोगा निलंबित

झारखंड में पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी दरोगा और एसपी को हटाने की मांग की है. हालांकि घटना की खबर फैलते ही आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया गया है.

Advertisement
पुलिस हिरासत में युवक की मौत पुलिस हिरासत में युवक की मौत

धरमबीर सिन्हा / राहुल सिंह

  • नारायणपुर,
  • 14 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

झारखंड में पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी दरोगा और एसपी को हटाने की मांग की है. हालांकि घटना की खबर फैलते ही आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

घटना झारखंड के दिघारी गांव की है. मृतक युवक का नाम मिनहाज अंसारी था. दरअसल पर प्रतिबंधित मांस की तस्वीर शेयर करने के बाद मिनहाज को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस हिरासत में मिनहाज की हालत बिगड़ी तो उसे पहले जामताड़ा और फिर धनबाद के पीएमसीएच में दाखिल करवाया गया.

Advertisement

इलाज के दौरान ही मिनहाज की मौत हो गई. जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने मिनहाज की मौत के लिए दरोगा हरीश पाठक और एसपी को जिम्मेदार ठहराया. ग्रामीणों का कहना है कि मिनहाज की मौत के मामले मे आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज हो.

मामले के तूल पकड़ते ही एसपी ने दरोगा हरीश पाठक को कर दिया. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. बता दें कि यह मामला मुख्यमंत्री दफ्तर तक भी पहुंचा. जिसके बाद राज्य के मुखिया रघुवर दास ने पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की.

साथ ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जो भी इस घटना का जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय विधायक ने मिनहाज की मौत को हत्या करार दिया. उन्होंने मिनहाज की मौत के लिए दरोगा हरीश पाठक को जिम्मेदार ठहराया और आरोपी दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »