हरियाणा: मस्जिद में नमाज पढ़ रहे लोगों से मारपीट, मस्जिद में भी तोड़-फोड़

पीड़ितों के मुताबिक, उनके साथ मारपीट की गई और डराया-धमकाया गया. इसके अलावा उपद्रवियों ने मस्जिद में तोड़-फोड़ भी की और मुस्लिमों को धमकाया कि अगर उन्होंने वहां नमाज अदा की तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

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नमाज पढ़ रहे मुस्लिमों से मारपीट नमाज पढ़ रहे मुस्लिमों से मारपीट

आशुतोष कुमार मौर्य

  • करनाल (हरियाणा),
  • 01 जून 2018,
  • अपडेटेड 3:14 PM IST

हरियाणा में नमाज अदा करने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तक खुले में नमाज पढ़ने को लेकर ही विवाद होते रहे हैं, लेकिन करनाल में तो भीड़ ने मस्जिद के अंदर नमाज अदा कर रहे मुस्लिमों के साथ मारपीट की.

पुलिस ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. घटना करनाल के नेवल गांव की है. पीड़ित मुस्लिमों का कहना है कि 15-20 लोगों ने बीती शाम मस्जिद के अंदर घुसकर उन्हें नमाज पढ़ने से रोक दिया.

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पीड़ितों के मुताबिक, उनके साथ मारपीट की गई और डराया-धमकाया गया. इसके अलावा उपद्रवियों ने मस्जिद में तोड़-फोड़ भी की और मुस्लिमों को धमकाया कि अगर उन्होंने वहां नमाज अदा की तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

बता दें कि बीते कुछ महीनों से दिल्ली से सटे गुरुग्राम सहित हरियाणा के विभिन्न इलाकों से मुस्लिमों को खुले में नमाज अदा करने से रोके जाने की कई घटनाएं हुई हैं. यहां तक कि इस पर मुख्यमंत्री को भी चुप्पी तोड़नी पड़ी.

हालांकि मुख्यमंत्री भी काफी हद तक मुस्लिमों को नमाज अदा करने से रोकने वाले हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं का ही पक्ष लेते नजर आए. उन्होंने कहा था कि नमाज सार्वजनिक जगहों पर नहीं बल्कि मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए.

मुस्लिमों को नमाज अदा करने से रोके जाने पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए खट्टर ने कहा था कि खुले में नमाज की घटनाएं आजकल बढ़ी हैं. नमाज मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए, बजाय कि सार्वजनिक स्थलों के.

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खट्टर ने कहा था कि जब तक किसी व्यक्ति को आपत्ति न हो सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने पर कोई आपत्ति नहीं, लेकिन जब किसी की शिकायत आए तो ऐसा नहीं करने दिया जाएगा. हरियाणा से इस तरह के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए, जिसमें कुछ उपद्रवी तत्व खुले में नमाज अदा कर रहे मुस्लिमों को डरा-धमका कर भगाते दिखे.

गुरुग्राम प्रशासन ने भी लगातार बढ़ रहे इस तरह के मामलों को देखते हुए हिंदूवादी संगठनों और मुस्लिम संगठनों के बीच बातचीत के बाद की थीं, जहां मुस्लिम नमाज अदा कर सकें, हालांकि मुस्लिम समाज इस समाधान से खुश नहीं था.

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