बनारस पुलिस ने दिल्ली से मुक्त कराई 19 लड़कियां, 3 एजेंट गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से तीन दलालों को भी गिरफ्तार किया है. आरोपी दलालों की पहचान हिसार निवासी पवन खुराना, काठमांडू निवासी शाहवीन शाह और गाजीपुर निवासी राजेन्द्र उर्फ राजन के रूप में हुई है.

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पकड़ी गई लड़कियों में 3 भारतीय और 16 नेपाली हैं पकड़ी गई लड़कियों में 3 भारतीय और 16 नेपाली हैं

परवेज़ सागर / अनुज मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में बनारस पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर मानव तस्करी और देह व्यापार के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. बनारस पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम के साथ मिलकर करीब 2 घंटे चली रेड में 19 लड़कियों को रेस्क्यू कराया है. इन सभी लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने की योजना थी.

दरअसल, बनारस पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी दिल्ली में करीब एक हफ्ते से डेरा डाला हुआ था. क्राइम ब्रांच के पास लीड पक्की थी कि दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके मे गिरोह के कुछ लोग लड़कियों को लेकर छुपे हुए हैं. इसी सूचना के चलते बनारस क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मिलकर बीती रात एक घर में रेड की.

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घर के अंदर का मंजर देखकर पुलिस भी हैरान थी. वहां 19 लड़कियों को अवैध तरीके से रखा गया था. उनमें 3 लड़कियां भारत के जलपाईगुड़ी और 16 लड़कियां नेपाल की हैं. पुलिस ने मौके से तीन दलालों को भी गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी दलालों की पहचान हिसार निवासी पवन खुराना, काठमांडू निवासी शाहवीन शाह और गाजीपुर निवासी राजेन्द्र उर्फ राजन के रूप में हुई है.

इन सभी लड़कियों को बंगाल और नेपाल से लाकर अरब देशों में भेजा जाना था. क्राइम ब्रांच के मुताबिक ये एक बड़ा गैंग है, जो गैरकानूनी तरीके से लड़कियों को अरब देशों में भेजते था. ये गिरोह करीब 2 साल से दिल्ली, यूपी, हैदराबाद और जयपुर में सक्रिय है.

अधिकारियों के मुताबिक ये गिरोह अब तक करीब 1 हजार से ज्यादा को गैर कानूनी तरीके से अरब देशों में भेज चुका है. बनारस के शिवपुर थाने में कुछ महीने पहले मानव तस्करी और देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था. जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन दिल्ली में ट्रेस हुई थी. जिसके बाद ये रेड की गई.

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