शूटर का खुलासा: यूपी से खरीदे गए कारतूस से हुई थी गौरी लंकेश की हत्या!

वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस में गिरफ्तार किए गए आरोपी शूटर ने खुलासा किया कि उसने हत्या में इस्तेमाल की गए कारतूस यूपी से मंगाए थे.

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वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस

मुकेश कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 10:11 AM IST

वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस में गिरफ्तार किए गए आरोपी शूटर ने खुलासा किया कि उसने हत्या में इस्तेमाल की गए कारतूस यूपी से मंगाए थे. कर्नाटक के मंड्या जिले के मददुरे के रहने वाले आरोपी नवीन कुमार उर्फ होट्टे मंजा ने पुलिस को बताया कि उसने यूपी से मंगाए गए प्रत्येक कारतूस के लिए एक हजार रुपये चुकाया था.

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जानकारी के मुताबिक, एसआईटी हिरासत में नवीन से पूछताछ की जा रही है. सूत्रों की माने तो उसने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया है. उसके जरिए इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और तलाश की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज के जरिए पहचान में आए नवीन को बस स्टैंड से 18 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था.

इस केस की जांच कर रही एसआईटी को सबसे बड़ी सफलता, तब मिली जब सीसीटीवी फुटेज में आरोपी शूटर दिखाई दिया. इसके जरिए पुलिस को पता चला कि वारदात को अंजाम देने से पहले संदिग्धों ने गौरी के घर की रेकी थी. बाइक पर आए संदिग्धों ने गौरी के घर के तीन चक्कर लगाए थे. गिरफ्तार संदिग्ध सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा था.

पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि पिछले साल 5 सितंबर को गौरी लंकेश की हत्या हुई थी, उस दिन बाइक सवार संदिग्धों ने गौरी के घर के चक्कर लगाए थे. एक संदिग्ध ने सफेद शर्ट और पैंट पहना था. उसके सिर पर हैलमेट थी. संदिग्ध सड़क के दाहिनी तरफ से गौरी के घर की तरफ आया था. कुछ दूर आगे बढ़ा और फिर बाइक वापस मोड़ लिया.

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इस संदिग्ध को गौरी के घर के पास पहली बार शाम 3.27 बजे देखा गया. इसके बाद 7.15 बजे वह फिर वापस आया था. तीसरी बार जब संदिग्ध आया तो उसकी पीठ पर एक काला बैग था. गौरी के घर पर पहुंचते ही उनके उपर चार राउंड फायरिंग की गई थी, जिसमें तीन सीधे उनके शरीर पर लगी थी. इन्हीं क्लू के आधार पर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा.

बताते चलें कि कन्नड़ टेबलॉयड 'लंकेश पत्रिका' की संपादक थीं. नवंबर, 2016 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके कारण उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया गया. इस मामले में उन्हें 6 महीने की जेल हुई थी. कर्नाटक के पुलिस प्रमुख आर के दत्ता से अपनी जीवन पर खतरा बताया था.

हत्या के कुछ घंटे पहले तक गौरी सोशल मीडिया पर एक्टिव थीं. उन्होंने रोहिंग्या से जुड़ी खबरों के लिंक शेयर किए और कई ट्वीट्स को री-ट्वीट किया. अपने आखिरी ट्वीट में फेक पोस्ट पर लिखा था, 'हम लोगों में से कुछ लोग फेक पोस्ट शेयर करने की गलती कर देते हैं. चलिए एक्सपोज करने की कोशिश के बजाए इसके प्रति एक-दूसरे को सतर्क किया जाए.'

उनकी हत्या पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दुख जताया था. उन्होंने लिखा था कि सच को कभी खामोश नहीं किया जा सकता है. राहुल ने ट्वीट किया था, 'सच को भी खामोश नहीं किया जा सकता. गौरी लंकेश हमारे दिलों में रहती हैं. उनके परिवार को मेरी संवेदना और प्यार. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.'

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