देशद्रोह मामले में बहस जारी, आरोप साबित होने पर बढ़ेंगी हनीप्रीत की मुश्किलें

देशद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले झेल रही बलात्कारी बाबा राम रहीम की खास चेली हनीप्रीत इंसान आज पंचकूला की सेशन कोर्ट में पेश हुई. यहां हनीप्रीत और 24 दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए आधा घंटे तक बहस हुई. बचाव पक्ष के वकील सुरेश रोहिल्ला के आग्रह पर मामले की सुनवाई 28 मार्च तक टाल दी गई है.

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राम रहीम की खास चेली हनीप्रीत इंसान राम रहीम की खास चेली हनीप्रीत इंसान

मुकेश कुमार / मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 06 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 3:43 PM IST

देशद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले झेल रही बलात्कारी बाबा राम रहीम की खास चेली हनीप्रीत इंसान आज पंचकूला की सेशन कोर्ट में पेश हुई. यहां हनीप्रीत और 24 दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए आधा घंटे तक बहस हुई. बचाव पक्ष के वकील सुरेश रोहिल्ला के आग्रह पर मामले की सुनवाई 28 मार्च तक टाल दी गई है.

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अंबाला जेल में बंद हनीप्रीत के खिलाफ 28 अगस्त 2018 को पंजीकृत प्राथमिकी 345 में भारतीय दंड सहिंता की धारा 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत केस दर्ज है. हनीप्रीत रेप केस में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़काने और देशद्रोह मामले की आरोपी है.

एसआईटी ने कोर्ट में 1200 पन्ने की चार्जशीट दाखिल की है. इसमें हनीप्रीत सहित 15 अन्य को पंचकूला में दंगों और हिंसा की घटना के लिए आरोपी बनाया गया है. हनीप्रीत पर गंभीर आरोप हैं. उसके खिलाफ एफआईआर नंबर 345 में चालान पेश किया गया था. इस चार्जशीट में कुल 67 लोगों को गवाह बनाया गया है.

चार्जशीट के तीन पन्नों में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और 6 सुरक्षाकर्मियों का भी जिक्र किया गया है. जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है उनमें हनीप्रीत इंसान, उसकी साथी सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल पर कई धाराओं के तहत केस दर्ज है.

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बताते चलें कि दो साध्वियों से रेप केस में पिछले साल 25 अगस्त को राम रहीम को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया था. इसके बाद डेरा के भक्तों ने हरियाणा और पंजाब समेत कई देश कई राज्यों में हिंसा शुरू कर दी थी. पंचकूला में गाड़ियां और पेट्रोल पंप जला दिए गए. सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में भी आगजनी की गई थी.

इस हिंसा में करीब 41 लोगों की जान गई, 200 से अधिक लोग घायल हो गए. इसके बाद हनीप्रीत लापता हो गई. पुलिस ने उसे इस बताया. लेकिन करीब 38 दिनों तक उसकी तलाश होती रही और उसका कहीं पता नहीं चला. इसी बीच आज तक न्यूज चैनल के जरिए वह सबसे पहले सबके सामने आई और अपनी बात रखी थी.

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