लातूरः फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़, PAK को सेना की खुफिया जानकारी देने का शक

इस फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए लगातार जम्मू-कश्मीर बातचीत की जा रही थी. आशंका है कि सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान को देने के लिए इस टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल किया जा रहा था.

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ATS आरोपियों से पूछताछ कर रही है ATS आरोपियों से पूछताछ कर रही है

पंकज खेळकर

  • लातूर,
  • 18 जून 2017,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

महाराष्ट्र के लातूर शहर में एटीएस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली टेलीफोन एक्सचेंज रैकेट का भंडाफोड़ किया. आशंका है कि पिछले 6 महीने से चल रहे इस एक्सचेंज का इस्तेमाल पाकिस्तान को देश की खुफिया जानकारी देने के लिए किया जा रहा था. टीम ने तीन जगह छापेमारी करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

संयुक्त टीम ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली जानकारी के बाद इन रेड को अंजाम दिया. इस के जरिए लगातार जम्मू-कश्मीर बातचीत की जा रही थी. आशंका है कि सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान को देने के लिए इस टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल किया जा रहा था.

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फिलहाल एटीएस अधिकारी इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के मुताबिक, इस संदिग्ध फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए 15 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की ठगी का अनुमान है. गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से इंटरनेशनल गेटवे, सैकड़ों सिम कार्ड, लैपटॉप, टेलीफोन एक्सचेंज को ऑपरेट करने वाले तमाम गैजेट आदि बरामद किए गए हैं.

इन गैजेट्स की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़ा गया एक आरोपी शहर में सिम कार्ड डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम कर रहा था. खुलासा हुआ है कि यह लोग के जरिए पाकिस्तान को खुफिया जानकारी देते थे. पकड़ में आए आरोपियों से पूछताछ जारी है. पुलिस उम्मीद जता रही है कि आरोपियों से पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं.

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