बिहार: घर आई 9 साल की मासूम से रेप कर किए थे 5 टुकड़े, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

बिहार के गोपालगंज जिले में नाबालिग लड़की के साथ रेप के बाद उसकी हत्या करने, उसके शरीर के पांच टुकड़े करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सजा सुना दी है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (गेट्टी इमेजेज) प्रतीकात्मक तस्वीर (गेट्टी इमेजेज)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 21 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 12:42 PM IST
  • बिहार के गोपालगंज जिले की है घटना
  • 27 जनवरी को दायर हुई थी चार्जशीट
  • कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

बिहार के गोपालगंज जिले में नाबालिग लड़की के साथ रेप के बाद उसकी हत्या करने, उसके शरीर के पांच टुकड़े करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सजा सुना दी है. कोर्ट ने दोषी पाए गए आरोपी जय किशोर साह को फांसी की सजा सुनाई है. घटना पिछले साल लॉकडाउन के दौरान की है. इस मामले में 27 जनवरी को ही पुलिस ने चार्जशीट दायर किया था.

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पुलिस की ओर से चार्जशीट दायर किए जाने के 25 दिन के अंदर कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुना दी. गोपालगंज की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को 20 साल के आरोपी जय किशोर साह को जुर्म सिद्ध होने पर फांसी की सजा सुनाई. घटना पिछले साल की है जब लॉकडाउन के दौरान जूस की दुकान बंद होने के कारण आरोपी जय किशोर पटना से गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र के अपने गांव बकरौर लौट आया था.

पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट के मुताबिक जय किशोर ने 25 अगस्त को अपने पड़ोस में रहने वाली नौ साल की एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया और उसकी हत्या कर दी. चार्जशीट के मुताबिक मृतक नौ साल की बच्ची हर रोज जय किशोर के छोटे बच्चे के साथ खेलने के लिए उसके घर जाया करती थी. घटना वाले दिन भी बच्ची जय किशोर के घर गई थी.

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घटना वाले दिन जब मृतका जय किशोर के घर पहुंची, उसकी पत्नी और बच्चे घर में नहीं थे. आरोप था कि जय किशोर ने मासूम बच्ची के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया और फिर उसकी हत्या कर दी. आरोप है कि उसने बच्ची के शरीर के 5 टुकड़े किए और उसे एक बैग में बंद कर अपने घर के एक कोने में छिपा दिया. बच्ची जब काफी देर बाद तक घर नहीं लौटी तब उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू की.

बच्ची का जब कहीं पता नहीं चला, तब उसके माता-पिता ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. पुलिस को जांच के दौरान इस बात का पता चला कि जय किशोर ही मुख्य आरोपी है. घटना के बाद से ही वह अपने घर से फरार था. इस पूरे मामले में जब नाबालिक बच्ची के शरीर का जब पोस्टमार्टम कराया गया तो रिपोर्ट के मुताबिक उसके शरीर पर इंसान के दांत से काटने के कई निशान मिले थे.

इस संबंध में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (पॉक्सो) दरोगा सिंह ने बताया कि नाबालिग लड़की आरोपी के यहां आया-जाया करती थी और उसके बच्चे के साथ खेलती थी. घटना के दिन जब आरोपी की पत्नी और बच्चा घर पर मौजूद नहीं थे और लड़की उसके घर आई थी तो उसने घटना को अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है. इस मामले में 27 जनवरी को पुलिस ने चार्जशीट दायर की थी और 25 दिनों के अंदर आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई.

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