महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप नेटवर्क से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी की जांच के दायरे में EBIX Inc के चेयरमैन विकास गर्ग हैं. आरोप है कि उन्होंने ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े अपराध की कमाई को विदेशी निवेश और अन्य माध्यमों से वैध दिखाकर अपनी कंपनियों में लगाया और काले धन को सफेद बनाने की कोशिश की.
ईडी ने अब विकास गर्ग परिवार के स्वामित्व वाली एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के करीब 893 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर अटैच कर दिए हैं. यह कंपनी EBIX Inc से जुड़ी हुई है. इसके अलावा दिल्ली स्थित आवास और कार्यालय, गोवा, नैनीताल समेत अन्य स्थानों पर मौजूद संपत्तियां भी अटैच की गई हैं. कुल मिलाकर जब्त की गई संपत्तियों का मूल्य 930 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है.
इससे पहले वर्ष 2024 में भी ईडी ने विकास गर्ग से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी. इसके बाद उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया और उनके बयान दर्ज किए गए. जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार विकास गर्ग को महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड हरिशंकर तिबरेवाल का करीबी माना जाता है.
जांच में सामने आया है कि विकास गर्ग कथित तौर पर अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म 'स्काईएक्सचेंज' से भी जुड़े हुए थे, जिसे महादेव नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है. सूत्रों के मुताबिक विकास गर्ग और हरिशंकर तिबरेवाल के बीच साल 2021 से संपर्क था और उन्हें इस बात की जानकारी थी कि अवैध बेटिंग कारोबार से भारी मात्रा में धन अर्जित किया जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार विकास गर्ग की पहचान हरिशंकर तिबरेवाल के सहयोगियों गगन गुप्ता और सुनील भंडारी से भी थी. दोनों के बारे में भी स्काईएक्सचेंज प्लेटफॉर्म से जुड़े होने की बात कही जा रही है. ईडी का मानना है कि इन लोगों के बीच आर्थिक और कारोबारी संबंधों की कड़ियां मौजूद थीं, जिनकी जांच की जा रही है.
जांच एजेंसी के मुताबिक हरिशंकर तिबरेवाल से जुड़े विभिन्न संस्थानों के जरिए विकास गर्ग को एफडीआई, एफपीआई और बॉन्ड जैसे माध्यमों से बड़ी मात्रा में धन मिला। ईडी का दावा है कि यह रकम अवैध बेटिंग गतिविधियों से अर्जित कथित अपराध की कमाई थी, जिसे निवेश के रूप में दिखाकर इस्तेमाल किया गया.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विकास गर्ग मेसर्स GG इंजीनियरिंग लिमिटेड और टीमो प्रोडक्शंस HQ लिमिटेड के मालिक हैं. आरोप है कि अमित सरावगी नामक व्यक्ति ने नकदी के बदले इन कंपनियों को बैंकिंग एंट्री उपलब्ध कराई. पूछताछ के दौरान अमित सरावगी ने कथित तौर पर ईडी को दिए अपने बयान में कहा कि यह काम विकास गर्ग के निर्देश पर किया गया था.
सूत्रों के मुताबिक विकास गर्ग के रिश्तेदार विशेष गुप्ता को इंटीग्रा एसेंशिया लिमिटेड और टीमो प्रोडक्शंस HQ लिमिटेड में शेयरधारक बनाया गया था. बताया गया है कि विशेष गुप्ता, जो विकास इकोटेक लिमिटेड से जुड़े हैं, उन्होंने यह हिस्सेदारी विकास गर्ग के निर्देश पर ली थी. जांच एजेंसी का कहना है कि शेयर खरीदने के लिए धन की व्यवस्था भी विकास गर्ग ने ही की थी और विशेष गुप्ता ये शेयर उनके नाम पर रखते थे.
ईडी की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि महादेव ऐप और स्काईरॉकेट एक्सचेंज से जुड़े कथित अवैध धन का इस्तेमाल कई कंपनियों के शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने के लिए किया गया. इस मामले में एजेंसी ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को भी सतर्क किया है और विस्तृत जांच की सिफारिश की है.
हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसी और सूत्रों के हवाले से सामने आए हैं. मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित एजेंसियों की आगे की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा.
मुनीष पांडे