रांची: पुलिस प्रताड़ना से परेशान बैंक अफसर ने लगाई फांसी, DSP के रीडर पर संगीन आरोप

झारखंड के रांची में तैनात एक बैंक अधिकारी को पुलिस ने इतना परेशान किया कि थक हारकर उसे मौत को गले लगाना पड़ा. पुलिस की प्रताड़ना से परेशान बैंक अफसर ने अपनी आपबीती 5 पेज के सुसाइड नोट में लिखी है. उसने डीएसपी के रीडर पर भी संगीन आरोप लगाए हैं.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 21 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 1:20 PM IST

झारखंड की राजधानी रांची से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बैंक अधिकारी ने पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर खुदकुशी कर ली. आत्महत्या करने वाले अधिकारी ने मरने से पहले 5 पन्ने का सुसाइड नोट भी लिखा है. इस नोट में बैंक अफसर ने बताया है कि किस तरह पुलिस उन्हें जांच के नाम पर प्रताड़ित कर रही थी और इस काम में कौन-कौन शामिल था.

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जानकारी के मुताबिक बैंक अधिकारी का नाम सुप्रियो मजुमदार है. उन्होंने रांची के चुटिया के अनंतपुर इलाके में अपने आवास पर फांसी लगाई है. यह मामला रामगढ़ जिले से जुड़ा हुआ है. सुप्रियो के सुसाइड नोट के अनुसार रामगढ़ जिले में 5 साल पहले टैंकर लोन मामले में कुछ अधिकारियों ने धोखाधड़ी की थी.

सीबीआई से मिल चुकी थी क्लीनचिट

धोखाधड़ी के इस मामले के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही थी, जिसमें जांच एजेंसी ने सुप्रियो मजुमदार से भी पूछताछ की थी. हालांकि, इस केस में सुप्रियो को सीबीआई से क्लीन चिट मिल चुकी थी. दरअसल, सीबीआई बैंक के कई अधिकारियों के खिलाफ जांच रही थी. इस दौरान बैंक के एक कस्टमर ने लोन ना देने का केस रामगढ़ थाने में दर्ज करा दिया.

BOI के पीओ पद पर किया था ज्वाइन

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सुसाइड नोट के मुताबिक लोन ना देने के मामले को लेकर ही रामगढ़ पुलिस सुप्रियो मजुमदार को परेशान कर रही थी. इससे तंग आकर ही सुप्रियो मजूमदार ने खुदकुशी करने का रास्ता चुना और सुसाइड कर लिया. बताया जा रहा है कि 2015 में सुप्रियो मजुमदार ने बैंक ऑफ इंडिया के पीओ पद पर ज्वाइन किया था और कुछ साल पहले ही उनकी शादी हुई थी.

रामगढ़ के कैंट थाने में थे तैनात

सुप्रियो रांची के हरमू में स्थित बैंक ऑफ इंडिया (BOI) की ब्रांच में अधिकारी थे. सुसाइड नोट में सुप्रिया मजूमदार ने आरोप लगाया है कि रामगढ़ पुलिस ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है. इससे पहले सुप्रियो रामगढ़ कैंट की एक शाखा में तैनात थे. जब 2016 में वह प्रोबेशनर थे, तब क्रेडिट यूनिट में एक घोटाले का खुलासा हुआ था. जिसकी जांच सीबीआई ने की थी.

सावधानी से कर रहे थे बैंकिंग

समय रहते ही सुप्रियो को फ्रॉड के मामले में क्लीन चिट मिल गई थी. इसके बाद वह बैंकिंग का काम बेहद सावधानी से कर रहे थे. उन्होंने मानदंड पूरा न करने वाले एक ग्राहक को ऋण देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उस शख्स ने उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया था. 

अधिकारी भेजना चाहते थे जेल

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सुसाइड नोट में सुप्रियो ने बताया है कि उन्हें आईओ ए समद और डिप्टी एसपी का रीडर धमका रहा था. एसपी रामगढ़ ने बताया कि सुप्रियो मजुमदार के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें नोटिस भेजा गया था. वह कुछ दिन पहले रामगढ़ गए थे, जहां उन्हें आईओ ने बताया था कि बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें जेल भेजना चाहते हैं. इसलिए उन्हें आईओ के द्वारा निर्देशित अनौपचारिक शर्तों का पालन करना चाहिए.

(इनपुट: राजेश वर्मा)

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