दिल्ली के कापसहेरा इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 3 साल की छोटी सी बच्ची के साथ बलात्कार की कोशिश की गई और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को एक एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार कर लिया. इस घटना से पूरे इलाके के लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. लोग बच्ची की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
37 साल का आरोपी चंदन कुमार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला है. वह कापसहेरा में ही रहता था और पीड़िता परिवार के ही बिल्डिंग में रहता था. 10 जुलाई की शाम को बच्ची घर से गायब हो गई थी. परिवारवालों ने तुरंत कापसहेरा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट लिखाई. पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बच्ची की तलाश में छानबीन की जा रही थी.
पीटीआई के मुताबिक, 14 और 15 जुलाई की दरमियानी रात को पुलिस को कापसहेरा नाले से बच्ची की लाश मिली. क्राइम टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि बच्ची की हत्या की गई थी. लाश को नाले में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की गई. यह देखकर हर कोई सदमे में है.
पुलिस के मुताबिक आरोपी चंदन कुमार ने पहले बच्ची को अगवा किया. फिर वह उसे सुनसान जगह ले गया, जहां बलात्कार की कोशिश की. जब बच्ची डरकर चीखने लगी तो आरोपी ने उसका गला घोंट दिया. हत्या के बाद उसने बच्ची की लाश को नाले में फेंक दिया ताकि कोई सबूत न मिले. आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से बड़ा सुराग मिला. फुटेज में आरोपी की संदिग्ध हरकतें दिखीं. चूंकि वह पीड़िता परिवार के ही बिल्डिंग में रहता था, इसलिए उस पर शक हुआ. पुलिस ने गहन जांच के बाद उसे मुख्य आरोपी बनाया. पूछताछ में चंदन कुमार ने सारी बातें कबूल कर लीं.
गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कापसहेरा में छापा मारा. जब पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने पहुंची तो उसने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें चंदन कुमार के बाएं पैर में गोली लगी. इसके बाद उसे काबू कर लिया गया. इस दौरान पुलिस को एक देसी पिस्तौल और एक कारतूस भी बरामद हुआ.
पेशे से चंदन कुमार एक दर्जी है. वह शादीशुदा है. उसकी पत्नी और 5 साल का बेटा बलिया में रहते हैं. दिल्ली में वह अकेला रहकर काम करता था. पुलिस को शक है कि उसका कोई और अपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है. अभी और गहराई से जांच चल रही है. इस घटना ने इलाके में माहौल खराब कर दिया है. लोग कह रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए.
यह मामला दिल्ली पुलिस की तेज कार्रवाई का उदाहरण है. एनकाउंटर और तुरंत गिरफ्तारी से अपराधियों को साफ संदेश गया है. अब कोर्ट में मुकदमा चलेगा और न्याय मिलने की उम्मीद है. पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस भी जुटी है.
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