पंजाब के SHO को क्यों ढूंढ रही FBI... जानें क्या है ₹3.5 करोड़ का पूरा मामला?

सीमाओं के पार फैल चुके संगठित अपराध के खिलाफ अमेरिका ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. गैंगस्टर नेटवर्क, ड्रग्स, जबरन वसूली और हिंसक अपराधों से जुड़े मामलों में कई देशों की एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं. इसी अभियान के बीच भारत के एक पुलिस अधिकारी का नाम सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है.

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अमेरिका की जांच एजेंसी ने SHO गुरिंदरजीत सिंह को बनाया आरोपी, भारत से मांगेगी प्रत्यर्पण. (File Photo: ITG) अमेरिका की जांच एजेंसी ने SHO गुरिंदरजीत सिंह को बनाया आरोपी, भारत से मांगेगी प्रत्यर्पण. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

अमेरिका की जांच एजेंसी FBI पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा थाने के SHO गुरिंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण की तैयारी कर रही है. अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि गुरिंदरजीत सिंह ने लॉस एंजिल्स के एक भारतीय मूल के परिवार से उनके रिश्तेदारों को फर्जी मर्डर केस में फंसाने की धमकी देकर 4 लाख डॉलर की जबरन वसूली की है. 

ये मामला FBI के इंटरनेशनल ऑपरेशन 'हार्ड बॉल' का हिस्सा है. ये ऑपरेशन ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप्स के खिलाफ FBI की अगुवाई में चलाया गया एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभियान है. इस कार्रवाई के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में कम से कम 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 37 आपराधिक आरोप दर्ज किए गए हैं.

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लॉस एंजिल्स की फेडरल कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, गुरिंदरजीत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने जग्गू भगवानपुरिया ट्रांसनेशनल क्राइम सिंडिकेट के सदस्यों के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले लोगों को निशाना बनाया. आरोप है कि भारत में उनके परिजनों के खिलाफ झूठे आपराधिक मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर पैसे वसूले गए.

प्रॉसिक्यूटर्स का दावा है कि गुरिंदरजीत सिंह ने भारत में हत्या का झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देकर लॉस एंजिल्स के एक परिवार से 4 लाख डॉलर की उगाही की है. इन आरोपों के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने बुधवार को कहा कि FBI की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लिया गया है.

पंजाब पुलिस ने यह भी बताया कि तथ्यों की जांच पूरी होने तक इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को टांडा थाने से हटाकर पुलिस लाइन, होशियारपुर भेज दिया गया है. जालंधर रेंज के DIG ने पूरे मामले की फैक्ट-फाइंडिंग जांच के आदेश दिए हैं. यह जांच जालंधर के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस को सौंपी गई है. ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत FBI जांच कर रही है.

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क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल?

इस अभियान का मकसद ऐसे ट्रांसनेशनल क्रिमिनल सिंडिकेट्स पर कार्रवाई करना है, जिन पर मर्डर, एक्सटॉर्शन, ड्रग ट्रैफिकिंग, फायरआर्म्स क्राइम और दूसरे संगठित अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं. फॉक्स 11 की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियां भारत की हिरासत में मौजूद कई आरोपियों के प्रत्यर्पण की औपचारिक मांग करने की तैयारी कर रही हैं. 

इनमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया भी शामिल हैं. अमेरिकी एजेंसियां दो और फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं, जिनके भारत में होने का शक है. इनमें से एक की पहचान फर्स्ट असिस्टेंट US अटॉर्नी बिल एसेली ने गुरिंदरजीत सिंह के रूप में की है. लॉस एंजिल्स टाइम्स ने भी इस संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित की गई है.

SHO का प्रत्यर्पण क्यों चाहती है FBI?

US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की ओर से जारी सात काउंट वाले फेडरल इंडिक्टमेंट के मुताबिक, जग्गू भगवानपुरिया ट्रांसनेशनल क्राइम सिंडिकेट के सदस्यों ने पंजाब के कथित भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले लोगों को निशाना बनाया. अप्रैल 2026 में अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे गुरलाल सिंह ने एक पीड़ित को धमकाया. 

इसके बाद पीड़ित की पहचान से जुड़ी जानकारी पंजाब के एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी को साझा की गई. प्रॉसिक्यूटर्स का आरोप है कि इस जानकारी का इस्तेमाल पीड़ित, उसके पिता और उसकी बहन को जनवरी 2026 में भारत में हुई एक हत्या के झूठे मामले में फंसाने के लिए किया गया. कोर्ट दस्तावेजों में इस मृतक की पहचान केवल 'BS' के रूप में की गई है.

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आरोप है कि इसी केस का इस्तेमाल कर परिवार पर दबाव बनाया गया और आरोप वापस लेने के नाम पर 4 लाख डॉलर की उगाही की गई. हालांकि, शुरुआती चार्जशीट में केवल भ्रष्ट लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर लिखा गया था, लेकिन बाद में अमेरिकी अधिकारियों ने उसकी पहचान गुरिंदरजीत सिंह के तौर पर की है. लॉस एंजिल्स टाइम्स की रिपोर्ट में इसका जिक्र है.

PC में क्या बोले अमेरिकी अधिकारी?

लॉस एंजिल्स में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फर्स्ट असिस्टेंट US अटॉर्नी बिल एसेली ने कहा कि गुरिंदरजीत सिंह जग्गू भगवानपुरिया सिंडिकेट से जुड़ी एक्सटॉर्शन साजिश का हिस्सा था. उन्होंने कहा, "उसने अमेरिका में एक परिवार से 4 लाख डॉलर की एक्सटॉर्शन की थी. वह भारत में उनके परिवार पर मर्डर का चार्ज लगाने वाला था. उसने भारत में उनके खिलाफ केस दर्ज भी किया.''

अमेरिकी प्रॉसिक्यूटर्स का दावा है कि जग्गू भगवानपुरिया ट्रांसनेशनल क्राइम सिंडिकेट भारत से लेकर उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ओशिनिया तक फैला हुआ एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क बन चुका है. चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि इस गैंग ने भारत में पुलिस और सरकारी अधिकारियों को भ्रष्ट बनाकर अपना प्रभाव बढ़ाया. गैंग कपुलिस को गलत जानकारी देता था.

इसके आधार पर दुश्मनों और मुखबिर माने जाने वाले लोगों के खिलाफ झूठे आपराधिक केस दर्ज कराए जाते थे. गैंग ने भारत में लॉ एनफोर्समेंट अधिकारियों को करप्ट किया और भ्रष्ट सरकारी अफसरों के साथ साझेदारी की. इसी नेटवर्क के जरिए एक्सटॉर्शन की गई और विरोधियों को निशाना बनाया गया. गैंग मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर झूठे क्रिमिनल केस शुरू कराता था. 

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कौन है गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया?

चार्जशीट के मुताबिक, भगवानपुरिया क्राइम सिंडिकेट की स्थापना पंजाब के जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने की थी. वह कभी लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी था, लेकिन बाद में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई. इस सिंडिकेट का मुख्यालय पंजाब में है, लेकिन इसके सदस्य और सहयोगी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैले हुए हैं. 

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