कोरोना के खिलाफ दिल्ली कितनी तैयार? 50 से ज्यादा अस्पतालों में एक भी वेंटिलेटर और ICU बेड उपलब्ध नहीं

दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना मामलों के चलते राजधानी के कई सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ICU बेड और वेंटिलेटर की बड़ी किल्लत सामने आ रही है.

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दिल्ली के कई अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड ही नहीं (सांकेतिक तस्वीर) दिल्ली के कई अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड ही नहीं (सांकेतिक तस्वीर)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 9:17 PM IST
  • ICU बेड्स में से 72.4% बेड्स पर मरीज भर्ती
  • 1,153 में से महज 307 वेंटिलेटर बेड्स ही खाली
  • 44 प्राइवेट अस्पतालों में वेंटिलेटर की संख्या शून्य

दिल्ली में अन्य राज्यों की तरह कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. राजधानी में नए मामलों की संख्या 10 हजार को भी पार कर गई है. आजतक से साथ बातचीत में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लगता है कि स्थिति चिंताजनक है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे में राजधानी में उपलब्ध वेंटिलेटर और आईसीयू बेड्स की उपलब्धता पर नजर डालते हैं जो तैयारी को लेकर सवाल खड़े करते हैं.

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दिल्ली में आज रविवार शाम 5 बजे तक कोरोना एप के मुताबिक सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए सामान्य बेड्स की कुल संख्या 11,727 है जबकि 5,363 बेड्स खाली हैं. यानी कुल उपलब्ध बेड्स में से 54.36% बेड्स पर मरीज भर्ती हैं.

कोरोना मरीजों के लिए कुल 1,153 वेंटिलेटर बेड्स उपलब्ध हैं और इनमें से महज 307 बेड्स ही खाली हैं. यानी कुल उपलब्ध बेड्स में से 73.37% वेंटिलेटर पर मरीज भर्ती हैं. इसी तरह कोरोना मरीजों के लिए कुल 1,852 ICU बेड्स उपलब्ध हैं और इनमें से महज 511 ICU बेड्स ही खाली हैं. यानी कुल उपलब्ध बेड्स में से 72.4% ICU बेड्स पर मरीज भर्ती हैं.

दिल्ली कोरोना एप के मुताबिक रविवार शाम 5 बजे तक दिल्ली सरकार के 3 बड़े और केंद्र सरकार के 4 सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर और बेड की संख्या शून्य हो गई है.

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इन अस्पतालों के नाम  
1. राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
2. AIIMS ट्रामा
3. बुराड़ी अस्पताल
4. बेस हॉस्पिटल दिल्ली केंट
5. दीप चंद बंधु अस्पताल
6. Northern रेलवे अस्पताल
7. AIIMS झज्जर

वहीं, दिल्ली के 44 प्राइवेट अस्पतालों में वेंटिलेटर की संख्या शून्य है तो 25 बड़े अस्पताल ऐसे हैं, जहां एक भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है.

25 अस्पतालों की लिस्ट 
1. VIMHANS हॉस्पिटल
2. अग्रसेन हॉस्पिटल, रोहिणी
3. मणिपाल हॉस्पिटल, द्वारका
4. होली फैमिली हॉस्पिटल, ओखला
5. बत्रा अस्पताल, तुगलकाबाद
6. मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज और शालीमार बाग
7. बीएल कपूर हॉस्पिटल राजेंद्र नगर
8. जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल रोहिणी
9. फोर्टिस, ओखला 
10. वेंकटेश्वर हॉस्पिटल द्वारका
11. आकाश हॉस्पिटल द्वारका
12. महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल पंजाबी बाग
13. श्री बालाजी हॉस्पिटल पश्चिम विहार
14. सरोज सुपर स्पेशलिटी
15. इंडियन स्पाइनल सेंटर वसंत कुंज
16. आयुष्मान हॉस्पिटल, द्वारका
17. कालरा हॉस्पिटल, कीर्ति नगर
18. मेट्रो हॉस्पिटल प्रीत विहार
19. नेशनल हार्ट इंस्टीटूट, ईस्ट ऑफ कैलाश
20. प्राइमस हॉस्पिटल चाणक्यपुरी
21. महाराजा अग्रसेन, नरेला
22. मूलचंद हॉस्पिटल लाजपत नगर                                                      23. फोर्टिस बसंतकुंज                                                                          24. फोर्टिस शालीमार बाग                                                                  25. मैक्स अस्पताल,  शालीमार बाग                

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वहीं दिल्ली के 2 सरकारी और 50 प्राइवेट अस्पतालों में एक भी ICU बेड उपलब्ध नहीं है. दिल्ली के 25 बड़े प्राइवेट अस्पताल, जहां ICU बेड्स की संख्या शून्य है.

यहां नहीं ICU बेड्स
1. बुराड़ी अस्पताल, दिल्ली सरकार
2. अंबेडकर अस्पताल, दिल्ली सरकार
3. श्री बालाजी पश्चिम विहार
4. महाराजा अग्रसेन पंजाबी बाग
5. जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल रोहिणी
6. फॉर्टिस शालीमार बाग 
7. कालरा हॉस्पिटल कीर्ति नगर
8. मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग
9. वेंकटेश्वर हॉस्पिटल द्वारका
10. नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ईस्ट ऑफ कैलाश
11. श्री अग्रसेन इंटरनेशनल हॉस्पिटल रोहिणी
12. होली फैमिली हॉस्पिटल ओखला
13. गोयल हॉस्पिटल कृष्णा नगर
14. मणिपाल हॉस्पिटल द्वारका
15. आकाश हॉस्पिटल द्वारका
16. MGS हॉस्पिटल, पंजाबी बाग
17. मेट्रो हॉस्पिटल प्रीत विहार
18. सर गंगा राम हॉस्पिटल
19. आयुष्मान हॉस्पिटल द्वारका
20. बत्रा हॉस्पिटल, तुगलकाबाद
21. मालिक रेडिक्स हॉस्पिटल, निर्माण विहार
22. धर्मशिला हॉस्पिटल वसुंधरा एनक्लेव
23. प्राइमस हॉस्पिटल, चाणक्यपुरी
24. पार्क हॉस्पिटल, मीरा बाग
25. तीरथ राम हॉस्पिटल, सिविल लाइन्स
26. महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल नरेला
27. पुष्पावती अस्पताल, साकेत

ये बोले सीएम केजरीवाल 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज ही दावा करते हुए कहा है, "हम पूरी तरह से अस्पताल प्रबंधन पर ध्यान दे रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में कुछ लोगों के मेरे पास मैसेज आए कि उन्हें अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है. हमने पहली लहर के दौरान जून के महीने में अस्पताल में बेड की उपलब्धता को लेकर एक एप जारी किया था. वह एप आज भी काम कर रहा है. अगर आपको कोरोना हो गया है और अस्पताल जाने की जरूरत है, तो किस अस्पताल में बेड उपलब्ध है, वह आप एप पर जाकर देख सकते हैं. मेरी अपील है कि सभी लोग मोबाइल में एप डाउनलोड कर लें. एप से आपको पता चल जाएगा कि किस अस्पताल में बेड उपलब्ध हैं.

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सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों की तरफ दौड़ रहे हैं. प्राइवेट अस्पतालों में बेड थोड़ा कम होते हैं. पिछले 5 साल में ‘आप’ की सरकार ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को बहुत शानदार कर दिया है. दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में बहुत अच्छा इलाज हो रहा है. पैसे वाले लोग भी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में जा रहे हैं. मेरी सभी से अपील है कि आप लोग सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों की तरफ नहीं दौड़ें. सरकारी अस्पतालों में जाएंगे तो वहां भी अच्छा इलाज मिलेगा. आप सरकारी अस्पताल में भी जा सकते हैं. अगर एप दिखाता है कि सरकारी अस्पताल में बेड खाली है, तो आप सरकारी अस्पताल में जाइए, लेकिन अस्पताल में तभी जाइए, जब आपको जरूरत हो. 

सीएम केजरीवाल ने कहा कि अगर सभी लोग अस्पताल की तरफ भागने लगे, तो अस्पताल कम पड़ जाएंगे. अस्पताल में बेड, आईसीयू और वेंटिलेटर कम पड़ जाएंगे. अगर आपको अस्पताल की जरूरत है, तभी अस्पताल में जाइए. वरना होम आइसोलेशन में रहिए. अस्पताल के बेड केवल गंभीर मरीजों के लिए रहने दीजिए. अगर आपको साधारण लक्षण हैं और अगर आप अस्पताल चले गए, तो आपने एक बेड को घेर लिया, जबकि आप का इलाज घर पर ही हो सकता है और अगर कोई गंभीर मरीज आता है, तो उसको बेड नहीं मिलेगा, उसे इंतजार करना पड़ेगा और गंभीर मरीज की मौत हो सकती है, जबकि उसको बेड की जरूरत है. 

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