MP: ICU में कोरोना मरीज को बिना नली के ऑक्सीजन मास्क लगाया, पत्नी के सामने तोड़ा दम

मध्य प्रदेश के रतलाम मेडिकल कॉलेज में जरा सी लापरवाही ने बुजुर्ग की जान ले ली. अस्पताल के ICU में भर्ती बुजुर्ग को ऑक्सीजन का मास्क तो लगा दिया गया, लेकिन इस मास्क में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली नली नहीं लगाई. ऑक्सीजन न मिलने से बुजुर्ग की मौत हो गई. पति की मौत के  सदमे के चलते कुछ देर बाद ही वृद्ध महिला की भी मौत हो गई. 

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • रतलाम,
  • 18 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 12:23 AM IST
  • तीन घंटे तक बिना ऑक्सीजन के तड़पते रहे बुजुर्ग
  • सदमे में पत्नी ने भी अस्पताल में तोड़ा दम 
  • रतलाम मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती थे बुजुर्ग दंपति 

मध्य प्रदेश के रतलाम मेडिकल कॉलेज में जरा सी लापरवाही ने बुजुर्ग की जान ले ली. अस्पताल के ICU में भर्ती बुजुर्ग को ऑक्सीजन का मास्क तो लगा दिया गया, लेकिन इस मास्क में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली नली नहीं लगाई. ऑक्सीजन न मिलने से बुजुर्ग की मौत हो गई. पति की मौत के  सदमे के चलते कुछ देर बाद ही वृद्ध महिला की भी मौत हो गई. 

Advertisement

रतलाम मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को ऑक्सीजन नली के न लगाए जाने से वृद्ध राज कुमार दीक्षित की मृत्यु हो गई. उनके ही पास में भर्ती उनकी पत्नी भी गंभीर थी, लेकिन उन्होंने अपने पति को तड़पते हुए देखा और किसी तरह अपने पास रखे मोबाइल से कॉल कर अपनी बेटी को सूचना दी, लेकिन  कुछ मदद मिलती, उसके पहले ही पति ने उनकी आंखों के सामने दम तोड़ दिया. इसी सदमे में कुछ देर बाद पत्नी की भी मृत्यु हो गई. 

वीडियो हो रहा वायरल 

राज कुमार दीक्षित के बिना नली के मास्क लगा होने का वीडियो भी बनाया गया, जो अब खूब वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि रतलाम मेडिकल कॉलेज में किस तरह से कोरोना मरीजों का इलाज  किया जा  रहा है. इस वार्ड में सहायता के लिए कोई भी डॉक्टर, कोई भी नर्स मौजूद नहीं थे. बस कचरा फेंकने वाला एक व्यक्ति मौजूद था. पूरे वार्ड में किसी प्रकार की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पिछले 7 दिनों में उनका RTPCR तक कराना मुनासिब नहीं समझा. 

Advertisement

ये बोले परिजन 

बुजुर्ग दंपत्ति के दामाद हिमांशु जोशी ने बताया कि राजकुमार दीक्षित और उनकी पत्नी को 12 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस दौरान दोनों की तबीयत इतनी खराब नहीं थी. ऑक्सीजन लगाया गया था. दो दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती पत्नी की मां का फोन आया कि तीन घंटे से परेशान हैं, कोई वॉशरूम तक ले जाने वाला नहीं है. हॉस्पिटल पहुंचने के बाद पता चला कि यहां वॉशरूम ले जाने के लिए कर्मचारियों द्वारा 10 रुपये भी मांगे जाते हैं. 

तड़पते हुए गई जान

हिमांशु ने बताया कि पत्नी के पास उसकी मां का फोन आया था. पत्नी को बताया गया कि उसके पिता की तबीयत बहुत खराब है, वो तड़प रहे हैं. जब वहां आकर देखा, तो पता चला कि ऑक्सीजन मास्क तो लगा है, लेकिन उसकी नली निकली हुई है. ये हालत करीब तीन घंटे से थी, लेकिन वहां कोई देखने वाला नहीं था. परिजनों ने बताया कि राजकुमार दीक्षित की मौत की खबर जैसे ही मां को लगी, तो उनकी भी मौत हो गई. 

वहीं इस मामले में कोविड जिला प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक ली है. व्यवस्थाओं में कमी है. सरकार की ओर से, मुख्यमंत्री की ओर से कहीं कोई कमी नहीं है. व्यवस्थाओं के लिए पूरा बजट दिया जा रहा है. कुछ कमियां दिखी हैं, जिनको दूर करने के निर्देश दिए हैं. (इनपुट-विजय मीणा)

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »