डॉक्टरों ने किया कमाल, कोरोना संक्रमित मरीज के दोनों फेफड़ों का सफल ट्रांसप्लांट, देश में पहला केस

रिजवान को नई जिंदगी देने वाले डॉ संदीप अत्तवार कहते हैं कि कोलकाता में इसके फेफड़ों का एक मैच मिल गया, यहां पर एक व्यक्ति ब्रेन डेड था और उसके फेफड़े रिजवान से मैच कर रहे थे. इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कोलकाता से उस शख्स के फेफड़ों को एयरलिफ्ट कर हैदराबाद लाया गया.

Advertisement
डॉ संदीप के साथ रिजवान (फोटो-आजतक) डॉ संदीप के साथ रिजवान (फोटो-आजतक)

आशीष पांडेय

  • हैदराबाद,
  • 12 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 9:37 PM IST
  • भारत का पहला डबल लंग ट्रासप्लांट
  • कोरोना से भी पीड़ित था शख्स
  • अस्पताल से स्वस्थ होकर निकला

फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक कोरोना मरीज को हैदराबाद के एक अस्पताल में नई जिंदगी मिली है. यहां पर डॉक्टरों ने उनके दोनों फेफड़ों का ट्रांसप्लांट किया और अब ये शख्स लगभग स्वस्थ होकर अस्पताल से बाहर आ गया है. 

चंडीगढ़ का रहने वाला 32 साल रिजवान उर्फ मोनू फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था. उसे मेडिकल भाषा में Sarcoidosis नाम की बीमारी हो गई थी. डॉक्टरों के मुताबिक उसके दोनों फेफड़े खराब हो गए थे और दोनों फेफड़ों का ट्रांसप्लांट ही एक मात्र उपाय था. 

Advertisement

उसकी तबीयत तेजी से खराब हो रही थी. इस दौरान उसका हैदराबाद के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में इलाज चल रहा था. फेफड़ा मिलना उसके लिए असाधारण स्थिति थी. वह हैदराबाद में इंतजार में अपना दिन गुजार रहा था. 

इसी दौरान अस्पताल में ही वो कोरोना की चपेट में आ गया. यहां पर डॉ संदीप अत्तवार उसका इलाज कर रहे थे. रिजवान की हालत बिगड़ती ही जा रही थी. इस बीच एक चमत्कार जैसी घटना हुई.  

रिजवान को नई जिंदगी देने वाले डॉ संदीप अत्तवार कहते हैं कि कोलकाता में इसके फेफड़ों का एक मैच मिल गया, यहां पर एक व्यक्ति ब्रेन डेड था और उसके फेफड़े रिजवान से मैच कर रहे थे. इस पर तुरंत कोलकाता से उस शख्स के फेफड़ों को एयरलिफ्ट कर हैदराबाद लाया गया. दिल और फेफड़ों की सर्जरी में 24 साल का अनुभव रखने वाले डॉ संदीप अत्तवार कहते हैं कि ये बेहद जटिल ऑपरेशन था, मरीज के दोनों फेफड़ों का ट्रांसप्लांट किया जाना था. इसमें गलती की जरा सी भी गुंजाइश नहीं थी. 

Advertisement

हालांकि डॉ संदीप अत्तवार ने असंभव से दिखने वाले इस ऑपरेशन को कर दिखाया और भारत में पहली डबल लंग ट्रासप्लांट को अंजाम दिया. अब डॉक्टर पूरे 6 सप्ताह तक रिजवान की सेहत की निगरानी करेंगे. 

52 साल के डॉ अत्तवार ने 12 हजार दिल की सर्जरी की है. इसके अलावा उन्होंने 250 फेफड़े, दिल और कृत्रिम ह्रदय को प्लांट किया है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »