Anocovax: देश में जानवरों के लिए कोरोना की पहली वैक्सीन लॉन्च, जानिए क्या है खासियतें

भारत ने जानवरों के लिए भी कोरोना की वैक्सीन बना ली है. खास बात ये है कि ये वैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी है. दावा है कि ये वैक्सीन कोरोना के डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट पर भी असरदार है.

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पिछले साल हैदराबाद के चिड़ियाघर में 8 शेर कोरोना पॉजिटिव मिले थे. (फाइल फोटो-PTI) पिछले साल हैदराबाद के चिड़ियाघर में 8 शेर कोरोना पॉजिटिव मिले थे. (फाइल फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2022,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST
  • कुत्ते, शेर, चूहों, खरगोश पर असरदार है वैक्सीन
  • जानवरों के लिए भारत की पहली कोरोना वैक्सीन

Corona Vaccine for Animals: भारत में अब जानवरों के लिए भी कोरोना वैक्सीन आ गई है. ये वैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी है, जिसे हरियाणा स्थित ICAR- नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन इक्विन्स (NRC) ने बनाया है. इस वैक्सीन का नाम Anocovax है. इस वैक्सीन की खास बात ये है कि ये कोरोना के डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट पर भी असरदार है. वैक्सीन के साथ ही जानवरों के लिए एंटीबॉडी डिटेक्शन किट को भी लॉन्च किया गया है. 

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ICAR का दावा है कि Anocovax जानवरों में कोरोना के खिलाफ इम्युनिटी बनाने में असरदार साबित हुई है. इस वैक्सीन में कोरोना का डेल्टा एंटीजन और सहायक के लिए अलहाइड्रोजेल डाला गया है. खास बात ये है कि ये वैक्सीन कुत्तों, शेर, चीता, चूहों और खरगोश पर असरदार है. 

इस वैक्सीन के साथ ही जानवरों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए एक डिटेक्शन किट भी लॉन्च की गई है. CAN-CoV-2 ELISA के नाम से लॉन्च हुई ये किट भी भारत में ही बनाई गई है. ICAR का दावा है कि अभी तक बाजार में कोई भी ऐसी एंटीबॉडी डिटेक्शन किट मौजूद नहीं है. 

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जानवरों के लिए वैक्सीन की जरूरत क्यों?

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फरवरी 2020 में हॉन्गकॉन्ग में एक कुत्ता कोरोना पॉजिटिव मिला था. ये किसी जानवर में कोरोना का पहला केस था. जनवरी 2020 में सैन डिएगो के एक सफारी पार्क में 8 गोरिल्ला कोरोना संक्रमित मिले थे.

नवंबर 2021 में अमेरिका के नेब्रास्का स्थित एक चिड़ियाघर में तीन बर्फिले चीतों की कोरोना से मौत हो गई थी. दुनियाभर में अब तक शेर, बाघ, मिंक्स, बर्फीले चीते, कुत्तों और पालतू बिल्लियों में कोरोना का संक्रमण मिल चुका है.

वहीं, भारत की बात करें तो पिछले साल मई में हैदराबाद के एक चिड़ियाघर में 8 एशियाई शेर कोरोना संक्रमित मिले थे. गुजरात में भी कुत्तों, गायों और भैंसों में भी कोरोना संक्रमण मिला था. जून में चेन्नई के एक चिड़ियाघर में संक्रमण की वजह से दो शेर की मौत हो गई थी.

अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, इंसानों से जानवरों में कोरोना का संक्रमण फैल सकता है, लेकिन जानवरों से इंसानों में कोरोना संक्रमण फैलने के अब तक सबूत नहीं मिले हैं.

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क्या दूसरे देशों में है जानवरों के लिए कोरोना वैक्सीन?

अप्रैल 2021 में रूस ने जानवरों के लिए पहली कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया था. इस वैक्सीन को Carnivac-Cov नाम दिया गया है. इसे बनाने वाली कंपनी ने दावा किया था कि कुत्तों, बिल्लियों, लोमड़ियों और मिंक्स पर ये वैक्सीन असरदार है.

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हॉन्गकॉन्ग में कुत्ते के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद अमेरिका स्थित फार्मा कंपनी Zoetis ने भी जानवरों के लिए कोरोना वैक्सीन बनाने का काम चालू किया था. अगस्त 2021 में ट्रायल के तौर पर ऑकलैंड के एक चिड़ियाघर के 48 जानवरों को ये वैक्सीन लगाई गई थी. दिसंबर 2021 में भी सैन डिएगो के एक चिड़ियाघर में 260 जानवरों को ये वैक्सीन दी गई थी.

 

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