हर किसी को इंतजार है, कि कब से PF का अमाउंट ATM और यूपीआई के जरिये निकलेगा. दरअसल, EPFO ने जुलाई महीने से इसे शुरू करने का संकेत दिया था. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म के तहत तुरंत PF निकासी की सुविधा मिलने वाली है.
हालांकि, इस इंस्टेंट विड्रॉल के वादे के पीछे एक बड़ा पेच भी है. तकनीकी रूप से भुगतान की गति कितनी भी तेज हो जाए, लेकिन अगर रिकॉर्ड में गड़बड़ी होगी तो क्लेम खारिज होने की समस्या दूर नहीं होगी. EPFO की वार्षिक रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार साल 2021-22 में 29% रिजेक्शन रेट था, जो 2024-25 में लगभग 22% पर आ गया है. पिछले 5 वर्षों में रिजेक्शन रेट में कुछ सुधार हुआ है. लेकिन अभी भी हर 5वां क्लेम खारिज हो रहा है, जो कि ATM या फिर यूपीए से निकासी की राह में बड़ा रोड़ा है.
क्लेम खारिज होने के मुख्य कारण
EPFO के आंकड़ों पर भी गौर करें तो तस्वीर साफ हो जाती है कि पीएफ क्लेम अटकने या खारिज होने के कारण तकनीकी नहीं, बल्कि प्रशासनिक और रिकॉर्ड से जुड़े हैं. नया सिस्टम भी इन गलतियों को खुद ठीक नहीं कर सकता है. खासकर नाम की स्पेलिंग में अंतर, आधार (Aadhaar), पैन (PAN) और ईपीएफओ के रिकॉर्ड में सदस्य के नाम या पिता के नाम की स्पेलिंग अलग होना क्लेम खारिज होने का सबसे बड़ा कारण है.
जन्म तिथि (DOB) का न मिलना: ईपीएफओ डेटाबेस और आधार में जन्मतिथि का अलग होना.
बैंक डिटेल्स: बैंक खाता या आईएफएससी (IFSC) कोड का सही तरीके से लिंक या सत्यापित न होना.
मल्टीपल UAN: एक ही सदस्य के पास एक से अधिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) का सक्रिय होना.
एग्जिट डेट (Exit Date): पुराने नियोक्ता द्वारा नौकरी छोड़ने की तारीख को ईपीएफओ पोर्टल पर अपडेट न करना.
EPFO 3.0 और UPI विड्रॉल की हकीकत
EPFO 3.0 मुख्य रूप से एक तकनीकी अपग्रेड है, जो कि देश भर के क्षेत्रीय डेटाबेस को एक एकीकृत बैंकिंग-शैली के प्लेटफॉर्म में बदल देगा. इसका उद्देश्य क्लेम ट्रांसफर और पेंशन भुगतान को तेज करना है. यह नया सिस्टम ईपीएफओ के मौजूदा नियमों को नहीं बदलेगा. सदस्य केवल उतनी ही राशि निकाल सकेंगे जिसके लिए वे वर्तमान नियमों के तहत पात्र हैं. इसके तहत ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है.
इस नई व्यवस्था में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नेटवर्क और आधार बेस ओटीपी ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जाएगा. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यूपीआई आधारित यह सुविधा अभी लाइव नहीं हुई है और न ही इसकी कोई तारीख तय की गई है.
आपको क्या करना चाहिए?
अगर आप भी PF अमाउंट को निकालने की तैयारी में हैं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें.
- आपके पास केवल एक ही एक्टिव UAN हो.
- आधार, पैन और ईपीएफओ के दस्तावेजों में नाम और जन्म तिथि जैसी व्यक्तिगत जानकारियां बिल्कुल समान हों.
- अपने बैंक खाते और आईएफएससी कोड को सही ढंग से अपडेट और लिंक करवाएं.
- अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर को एक्टिव रखें ताकि आधार ओटीपी आसानी से मिल सके.
- पुरानी कंपनियों से नौकरी छोड़ने की तारीख (Exit Date) दर्ज करवाएं.
आजतक बिजनेस डेस्क