भारत-PAK के दो लड़कों ने मिलकर बनाई कंपनी, अब एलन मस्क ने खरीदी, दोनों हो गए अरबपति

Who is Aman Sanger: अमन संगर का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था, लेकिन उनकी जड़ें भारत से गहरी जुड़ी हैं. उनके पिता अरविंद संगर आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र रहे हैं. अब महज 25 साल के उम्र में उन्होंने कमाल कर दिया है, एलन मस्क के पार्टनर बन गए हैं.

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25 साल के अमन ने कर दिया कमाल. (Photo: ITG) 25 साल के अमन ने कर दिया कमाल. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने एक AI कंपनी खरीदी है, इस डील की खूब चर्चा हो रही है, क्योंकि जिस AI कोडिंग प्लेटफॉर्म 'कर्सर' की पैरेंट कंपनी एनीस्फीयर (Anysphere) को एलन मस्क 60 बिलियन डॉलर (लगभग 5 लाख करोड़ रुपये) में खरीदा है, उस कंपनी के मालिक दो लड़के हैं, जिनकी उम्र 25 और 26 साल है और दोनों एशियाई मूल के हैं.  

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इस डील ने दोनों एशियाई टेक दिग्गज को रातो-रात अरबपति बना दिया है. इनमें से एक भारतीय मूल के 25 वर्षीय अमन संगर (Aman Sanger) हैं और दूसरे पाकिस्तान के कराची में जन्मे 26 वर्षीय सुआलेह आसिफ (Sualeh Asif) हैं. इस डील के बाद अमन को करीब 22,500 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं और इतनी ही राशि सुआलेह आसिफ को भी मिलेगी. 

कैसे हुआ यह बड़ा सौदा?
कर्सर की पैरेंट कंपनी एनीस्फीयर में अमन संगर और सुआलेह आसिफ दोनों की हिस्सेदारी लगभग 4.5-4.5 फीसदी है. फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेसएक्स के इस बड़े दांव के बाद दोनों की हिस्सेदारी की कीमत 2.7 बिलियन डॉलर आंकी गई है. हालांकि, यह पूरी डील एक 'ऑल-स्टॉक डील' है, यानी अमन और आसिफ को यह राशि नकद के बजाय स्पेसएक्स के शेयरों के रूप में मिलेगी, जिससे वे सीधे एलन मस्क की कंपनी के बड़े शेयरधारकों में शामिल हो जाएंगे. 

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कर्सर (Cursor) क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई?
कर्सर एक हाईटेक एआई-संचालित कोडिंग प्लेटफॉर्म हैस जो सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को 'वाइब कोडिंग' की सुविधा देता है. इसके जरिए डेवलपर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बेहद आसानी और तेजी से कोड लिख सकते हैं. आज दुनिया भर के लाखों डेवलपर्स के साथ-साथ एनवीडिया, एडोब, उबर, शॉपिफाई और पेपाल जैसी दिग्गज कंपनियां भी कर्सर का इस्तेमाल कर रही हैं. 

इस कंपनी की शुरुआत साल 2022 में चार दोस्तों अमन संगर, सुआलेह आसिफ, माइकल ट्रुएल और अरविंद लुनेमार्क ने मिलकर की थी. ये चारों मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में पढ़ाई के दौरान मिले थे. इस सौदे से अन्य दो सह-संस्थापकों (माइकल और अरविंद) को भी 2.7-2.7 बिलियन डॉलर मिलेंगे. नवंबर 2025 में $2.3 बिलियन की फंडिंग हासिल करने के बाद कर्सर की वैल्यूएशन $29.5 बिलियन थी, जो इस अधिग्रहण के बाद दोगुनी से अधिक हो गई है.

बता दें, स्पेसएक्स ने अप्रैल 2026 में इसके साथ साझेदारी की थी और तभी $60 बिलियन में इसे खरीदने का विकल्प सुरक्षित कर लिया था, जिसे अब फाइनल कर दिया गया है. 

कौन हैं भारतीय मूल के अमन संगर?
एनीस्फीयर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अमन संगर का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था, लेकिन उनकी जड़ें भारत से गहरी जुड़ी हैं. उनके पिता अरविंद संगर आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र रहे हैं. अमन ने महज 14 साल की उम्र में कोडिंग शुरू कर दी थी और बाद में उन्होंने एमआईटी से शिक्षा ली. कर्सर शुरू करने से पहले उन्होंने गूगल, ब्रिजवाटर एसोसिएट्स और यू.कॉम जैसी कंपनियों में इंटर्नशिप भी की थी. 

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वहीं कंपनी के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (CPO) सुआलेह आसिफ मूल रूप से कराची के रहने वाले हैं. सुआलेह बचपन से ही गणित के विलक्षण प्रतिभागी रहे हैं. एलन मस्क और स्पेसएक्स का यह कदम एआई कोडिंग के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है. 

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