अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है. क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी केविन वॉर्श (Kevin Warsh) फेड के नए चेयरमैन बन चुके हैं, और उनकी अध्यक्षता में फेड रिजर्व का अपना पहला फैसला सुनाने वाला है.
लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि क्या वॉर्श इस पहली बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखेंगे या कोई बड़ा नीतिगत बदलाव करके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने का काम करेंगे. यूएस फेडरल रिजर्व का फैसला भारतीय समय के मुताबिक बुधवार की रात 11:30 बजे आएगा.
जेरोम पॉवेल और ट्रंप के बीच तनाव जगजाहिर
केविन वॉर्श को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी और पसंदीदा माना जाता है, जबकि पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) के साथ ट्रंप के संबंध हमेशा तनावपूर्ण रहे थे. ऐसे में इस बैठक के आर्थिक और राजनीतिक दोनों मायने निकाले जा रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले और दूसरे दोनों कार्यकालों में फेड की नीतियों के कड़े आलोचक रहे हैं. पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल से उनकी कभी नहीं बनी. ट्रंप लगातार पॉवेल पर ब्याज दरों को ऊंचा रखने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी करने का आरोप लगाते रहे थे. ट्रंप ने सार्वजनिक मंचों से कई बार पॉवेल को मूर्ख तक कहा और उन्हें पद से हटाने की धमकियां भी दीं.
जबकि केविन वॉर्श को मई 2026 में फेडरल रिजर्व का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. वे ट्रंप प्रशासन और कॉरपोरेट जगत के बीच एक मजबूत कड़ी माने जाते हैं. हालांकि, अपनी नियुक्ति के समय और शपथ ग्रहण समारोह में वॉर्श ने केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को बनाए रखने का संकल्प लिया था और ट्रंप ने भी बयान दिया था कि वे वॉर्श को स्वतंत्र रूप से काम करने देंगे. इसके बावजूद, बाजारों का मानना है कि वॉर्श की सोच ट्रंप की कम ब्याज दरों वाली नीति के अधिक अनुकूल है.
पहली बैठक में क्या होने की उम्मीद है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अपनी पहली एफओएमसी बैठक में नए फेड प्रमुख केविन वॉर्श द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने की पूरी संभावना है.
महंगाई का दबाव: हाल के महीनों में अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.8% और थोक महंगाई (PPI) 6% तक पहुंच गई थी, जो फेड के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है. ऐसे में आते ही ब्याज दरों में कटौती करना केविन वॉर्श के लिए जोखिम भरा हो सकता है.
अमेरिका-ईरान शांति समझौता और क्रूड ऑयल: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बाद होर्मुज दोबारा खुलने जा रहा है. इससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिरी हैं. फेड इस बड़ी भू-राजनीतिक राहत के असर का आकलन करने के लिए कुछ समय लेना चाहेगा.
केंद्रीय बैंक की विश्वसनीयता: केविन वॉर्श यह कतई नहीं दिखाना चाहेंगे कि वे पद संभालते ही ट्रंप के राजनीतिक दबाव में आ गए हैं. इसलिए ब्याज दरों को यथावत रखना उनकी निष्पक्षता और आर्थिक समझदारी को साबित करेगा.
आजतक बिजनेस डेस्क