देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक भारतीय स्टेट बैंक ने अपने बेस रेट में कटौती की है. एसबीआई ने अपना बेस प्राइस 0.15% तक घटाया है, जिसके बाद यह 9.25% से घटकर 9.10% पर आ गया है. भारतीय स्टेट बैंक के इस फैसले से सीधे तौर पर पुराने कर्जदारों को इसका फायदा होगा, उनका होम लोन या ऑटो लोन पर कम ब्याज देना होगा. एसबीआई का यह फैसला 1 अप्रैल से लागू हो गया है.
हालांकि स्टेट बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लैंडिंग रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, वह पहले की तरह ही है. एसबीआई का एक साल का एमसीएलआर 8 फीसदी और दो साल का है. गौरतलब है कि स्टेट बैंक का सिर्फ 15 फीसदी होम लोन ही एमसीएलआर से जुड़ा है, जबकि बाकी होम लोन बेस रेट से निर्धारित होता है.
एचडीएफसी ने भी घटाई दरें
स्टेट बैंक के इस फैसले के बाद अब ने भी अपने बेस रेट में कटौती की है. एचडीएफसी बैंक ने 0.25% की कटौती की है, जिससे उनकी दर 9 फीसदी हो गई है. जो कि सबसे कम है.
ये होगा फायदा
एसबीआई के इस आदेश से कई लोगों को फायदा पहुंचेगा. अगर किसी व्यक्ति पर 20 लाख का होम लोन है तो 9.10 फीसदी ब्याज के हिसाब से वह अभी 18,317 रुपये की ईएमआई भरता है तो वहीं अब उसे 18,123 रुपये ही भरने होंगे. इससे लगभग ग्राहक को 2328 रुपये की बचत होगी. वहीं अगर किसी के पास 5 लाख रुपये का कार लोन है तो वह व्यक्ति पहले 10,624 रुपये की ईएमआई भरता था, जिसे अब 10,587 रुपये की ईएमआई भरनी होगी.
मोहित ग्रोवर