हवाई सफर करने वालों को कैंसलेशन चार्ज के मामले में राहत देने की तैयारी में है. मोदी सरकार ने एयरलाइन्स को टिकट कैंसल करने पर लिये जाने वाले चार्ज को कम करने की हिदायत दी है. सरकार ने कहा है कि घरेलू हवाई सफर के लिए कुछ एयरलाइंस 3000 रुपये से ज्यादा कैंसलेशन चार्ज लेती हैं. कई मामलों में यह पूरे किराये से भी ज्यादा होता है. ऐसे में इसे कम किये जाने पर विचार किया जाना चाहिए.
एयरलाइंस से होगी बात
टिकट कैंसल करने की वजह से वसूले जाने वाले चार्ज को कम करने के लिए कुछ एयरलाइंस से बात करेगी. उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि हमें लगता है कि कुछ एयरलाइंस बहुत ज्यादा कैंसलेशन चार्ज वसूल रही हैं. कई मामलों में यह फीस टिकट की कीमत से ही ज्यादा है. सरकारी स्कीम 'उडान' के तहत अधिकतम किराया 2500 रुपये तय किया गया है. ऐसे में इन चार्जेज को संतुलन में लाना जरूरी है.
हाल ही में बढ़े थे चार्जेज
उन्होंने इन चार्जेज की समीक्षा करने का आदेश दिया है. हाल ही में कुछ ने टिकट कैंसल करने के दौरान वसूले जाने वाले चार्ज में बढ़ोतरी की घोषणा की थी. कैंसलेशन फी के अलावा एयरलाइन लगातार अन्य चीजों के लिए भी फीस बढ़ा रही हैं. जैसे कि हाल ही में एक त य सीमा से ज्यादा लगेज ले जाने के चार्ज भी बढ़ाए गए हैं.
यात्रियों के अधिकार पर भी हो रहा काम
सिन्हा ने टीओआई को बताया कि वह ' ' के बिल पर भी काम कर रहे हैं. इसमें हवाई सफर करने वाले यात्रियों के अधिकार बताए जाएंगे. इसमें उनसे वसूले जाने वाले किराये से लेकर एयरलाइन की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में अधिकार साफ किये जाएंगे.
पहली बार हवाई सफर करने वालों को मिलेगी मदद
सिन्हा ने कहा कि पहली बार करने वाले यात्रियों को उनके अधिकारों की जानकारी नहीं होती है. यह बिल उन्हें अपने इन्हीं अधिकारों को लेकर जागरूक करेगा. ताकि वह किसी भी सुविधा से वंचित न रह जाएं.
विकास जोशी