लोकसभा चुनाव का असर इंक्रीमेंट पर, इस साल 9.7 फीसदी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी!

एचआर कंसल्टेंसी कंपनी इयॉन के मुताबिक इस साल भारतीय कर्मचारियों की सैलरी में 9.7 फीसदी का इंक्रीमेंट होने की उम्‍मीद है.

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इस साल 9.7 फीसदी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी इस साल 9.7 फीसदी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 06 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

पिछले साल के मुकाबले इस बार भारतीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होने की उम्‍मीद है. यह खुलासा एचआर कंसल्टेंसी कंपनी इयॉन के सालाना सर्वे में हुआ है. सर्वे के  मुताबिक भारतीय कर्मचारियों को इस साल औसत 9.7 फीसदी का इंक्रीमेंट मिलने की उम्मीद है. यह इंक्रीमेंट पिछले साल की तुलना में 0.2 फीसदी अधिक है.

बीते साल कर्मचारियों को औसत 9.5 फीसदी का इंक्रीमेंट मिला था. सर्वे में बताया गया है कि जो कंपनियों अगले कुछ महीनों में इंक्रीमेंट देने वाली हैं उन पर लोकसभा चुनाव का असर पड़ सकता है. सर्वे के 23वें संस्‍करण के मुताबिक कंपनियों को उम्मीद है कि इस साल घरेलू मांग में इजाफा होगा. वहीं कम महंगाई की वजह से अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत होगी.

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अगर दूसरे देशों की बात करें तो रूस में सैलरी में 7.2 फीसदी का इजाफा होने की उम्मीद है.जबकि दक्षिण अफ्रीका के कर्मचारियों को 6.7 फीसदी और ब्राजील में 5.8 फीसदी का इंक्रीमेंट मिल सकता है. इसके अलावा अमेरिका में 3.1 फीसदी, ऑस्ट्रेलिया में 3 फीसदी और ब्रिटेन में 2.9 फीसदी इंक्रीमेंट हो सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कंज्यूमर इंटरनेट कंपनियां, प्रोफेशनल सर्विसेज, लाइफ साइंस, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और ऑटोमोटिव/व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग में दोहरे अंक में ग्रोथ दर्ज की गई है.

इयॉन में इमर्जिंग मार्केट्स के हेड आनंदोरूप घोष का कहना है कि एशियाई देशों में भारत में पिछले 10 साल से सबसे अधिक इंक्रीमेंट होता आया है और इस ट्रेंड के आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. उन्‍होंने बताया कि जो कंपनियां जून से जुलाई के बीच कर्मचारियों को इंक्रीमेंट देती हैं उनके इंक्रीमेंट पर लोकसभा चुनाव का असर पड़ सकता है. सर्वे के मुताबिक कन्ज्यूमर इंटरनेट, प्रोफेशनल सर्विसेज, लाइफ साइंसेज, ऑटोमोटिव और कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स सेक्टर में सैलरी में दोहरे अंकों में बढ़ोतरी होगी.

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वहीं एक अन्‍य संस्‍था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE)की रिपोर्ट के मुताबिक देश में बेरोजगारी की दर साल 2016 के बाद से अब तक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी, 2019 के दौरान देश में बेरोजगारी की दर 7.2 फीसदी तक पहुंच गई है. यह सितंबर, 2016 के बाद का अब तक का रिकॉर्ड स्तर है.

 

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