फिर बढ़ी BPCL के बोली लगाने की डेडलाइन, 30 सितंबर तक EOI जमा करने का मौका

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल नवंबर में बीपीसीएल में सरकार की पूरी 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी दे दी थी.

Advertisement
सरकार की 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार की 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 8:37 AM IST

  • वित्त वर्ष 2020-21 में 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
  • BPCL में सरकार की पूरी 52.98% हिस्सेदारी की होगी बिक्री

देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) के निजीकरण के लिए बोली लगाने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ गई है. दरअसल, बीपीसीएल के लिए रुचि पत्र (EOI) जमा करने की नई डेडलाइन 30 सितंबर है. यह तीसरा मौका है जब सरकार ने ईओआई जमा कराने की तारीख को आगे बढ़ाया है. आपको बता दें कि ईओआई के जरिए ये मालूम होता है कि कौन-कौन सी कंपनियां या निवेशक बोली लगाने को इच्‍छुक हैं.

Advertisement

कब—कब बढ़ी डेडलाइन

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल नवंबर में सरकार को बीपीसीएल में अपनी समूची 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की अनुमति दी थी. हालांकि, बीपीसीएल के लिए रुचि पत्र (EOI) या बोलियां सात मार्च को ही मांगी गईं. पहले ईओआई जमा कराने की तारीख दो मई थी, लेकिन 31 मार्च को इसे बढ़ाकर 13 जून किया गया. 26 मई को इसे बढ़ाकर 31 जुलाई किया गया. अब इसे बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है.

क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन

निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एक नोटिस में कहा, ‘‘बोली लगाने की इच्छुक इकाइयों के आग्रह के बाद ईओआई जमा कराने की तारीख को बढ़ाकर 30 सितंबर, 2020 किया जा रहा है. मतलब ये कि 30 सितंबर तक बीपीसीएल में हिस्‍सेदारी खरीदने के लिए निवेशकों को रुचि पत्र देना होगा.

Advertisement

सरकार बेच रही अपनी पूरी हिस्सेदारी

आपको बता दें कि सरकार ने बीपीसीएल में अपनी समूची हिस्सेदारी के रणनीतिक विनिवेश का प्रस्ताव किया है. सरकार के पास कंपनी के 114.91 करोड़ शेयर हैं जो कंपनी की 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है. इसके अलावा रणनीतिक खरीदार को कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण भी ट्रांसफर किया जाएगा.

ये पढ़ें—

हालांकि इसमें कंपनी की नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 61.65 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल नहीं है. नुमालीगढ़ रिफाइनरी में हिस्सेदारी की बिक्री सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एव गैस कंपनी को की जाएगी. आपको बता दें कि नए वित्त वर्ष 2020- 21 के लिए सरकार ने विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा लक्ष्य रखा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »