भारत की टेक राजधानी कहे जाने वाले बेंगलुरु ने स्टार्टअप की दुनिया में एक नई उपलब्धि हासिल की है. पहली बार बेंगलुरु दुनिया के शीर्ष 20 स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले शहरों की सूची में शामिल हुआ है. ग्लोबल स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट 2026 में बेंगलुरु को 15वां स्थान मिला है. खास बात यह है कि इस सूची में जगह बनाने वाला बेंगलुरु भारत का एकमात्र शहर है.
यह रिपोर्ट वैश्विक रिसर्च संस्था Startup Genome ने जारी की है. इसके लिए दुनिया भर के 350 से अधिक स्टार्टअप इकोसिस्टम और 55 लाख से ज्यादा कंपनियों का विश्लेषण किया गया. रिपोर्ट में पॉलिसी मेकर्स, इन्वेस्टर्स, इनक्यूबेटरों, एक्सेलेरेटरों, शैक्षणिक संस्थानों और फंडिंग नेटवर्क जैसे कारकों को ध्यान में रखा गया.
रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच बेंगलुरु के स्टार्टअप्स ने 39 अरब डॉलर (करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये) का वेंचर कैपिटल निवेश आकर्षित किया. इस दौरान शहर के स्टार्टअप इकोसिस्टम की वृद्धि दर 190 प्रतिशत रही, जो वैश्विक औसत 149 प्रतिशत से काफी अधिक है. बेंगलुरु इस समय 30 एक्टिव यूनिकॉर्न कंपनियों का घर है. यूनिकॉर्न उन स्टार्टअप्स को कहा जाता है जिनका मूल्यांकन एक अरब डॉलर या उससे अधिक होता है. एशिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी बेंगलुरु छठे स्थान पर पहुंच गया है.
रिपोर्ट बताती है कि शहर की सफलता के पीछे मजबूत वेंचर कैपिटल निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप्स में बढ़ती फंडिंग और कंपनियों के तेजी से अधिग्रहण या शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की क्षमता प्रमुख कारण हैं. भारत में AI स्टार्टअप्स को मिलने वाली कुल फंडिंग का 58 प्रतिशत हिस्सा अकेले बेंगलुरु के खाते में गया.
एक और दिलचस्प फैक्ट यह है कि बेंगलुरु के स्टार्टअप्स को अधिग्रहित होने या शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने में औसतन 8.2 वर्ष लगते हैं, जो वैश्विक औसत से लगभग तीन वर्ष कम है. इससे निवेशकों को तेजी से रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है. ग्लोबल रैंकिंग में अभी भी शीर्ष तीन स्थानों पर अमेरिका का Silicon Valley, New York City और London बने हुए हैं. हालांकि बेंगलुरु ने Washington, DC, San Diego, Austin, Shenzhen और Chicago जैसे कई स्थापित स्टार्टअप केंद्रों को पीछे छोड़ दिया है.
दूसरी ओर, भारत में स्टार्टअप संस्कृति अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है. लोकसभा में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री Jitin Prasada द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, Startup India पहल के तहत 2021 से 2025 के बीच 1.65 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई है.
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में मान्यता प्राप्त लगभग आधे स्टार्टअप अब टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं. यह संकेत है कि उद्यमिता का विस्तार महानगरों से निकलकर छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंच चुका है.
जहां महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्र बने हुए हैं, वहीं राजस्थान, केरलम, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा जैसे राज्य भी तेजी से स्टार्टअप एक्टिविटी का केंद्र बन रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बेंगलुरु की यह उपलब्धि केवल एक शहर की सफलता नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते नवाचार, तकनीकी क्षमता और उद्यमिता संस्कृति का वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव भी दर्शाती है. आने वाले वर्षों में भारत के अन्य शहर भी वैश्विक स्टार्टअप मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं.
प्रतीक सचान