UAE में बिना कंपनी की पाबंदी रहें 5 साल! जानें ग्रीन वीज़ा के नियम और खर्च

यूएई सरकार का यह खास परमिट विदेशी कुशल पेशेवरों, फ्रीलांसरों और निवेशकों को पारंपरिक वर्क वीज़ा के नियमों से मुक्ति देता है. इस वीज़ा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी एम्प्लॉयर स्पॉन्सरशिप के पूरे 5 साल की रेज़िडेंसी प्रदान करता है.

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वीज़ा रद्द होने पर भी मिलेगा 6 महीने का ग्रेस पीरियड (Photo-ITG) वीज़ा रद्द होने पर भी मिलेगा 6 महीने का ग्रेस पीरियड (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

अगर आप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बिना किसी पाबंदी के आज़ाद होकर रहना और काम करना चाहते हैं, तो वहां का 'ग्रीन वीज़ा' आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है. यूएई सरकार का यह खास परमिट विदेशी पेशेवरों, फ्रीलांसरों और निवेशकों को खाड़ी देशों के पारंपरिक नियमों से हटकर एक नई आज़ादी देता है.

साल 2022 में शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत वीज़ा धारक न केवल अपने परिवार को आसानी से यूएई बुलाकर स्पॉन्सर कर सकते हैं, बल्कि वीज़ा रद्द होने की स्थिति में भी उन्हें देश छोड़ने के लिए छह महीने का लंबा ग्रेस पीरियड मिलता है. यह अतिरिक्त समय सामान्य वीज़ा की तुलना में बहुत अधिक है, जो लोगों को बिना किसी मानसिक दबाव के नया काम ढूंढने या आगे की तैयारी करने की पूरी सहूलियत देता है.

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यह वीज़ा मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के लिए उपलब्ध है, जिसमें पहली श्रेणी कुशल श्रमिकों की है. इसके तहत आवेदक के पास मानव संसाधन और एमिरेटाइजेशन मंत्रालय (MOHRE) द्वारा जारी वैध कुशल श्रमिक परमिट होना चाहिए, वे स्किल लेवल 1, 2 या 3 के अंतर्गत आते हों, उनके पास बैचलर डिग्री हो और उनका न्यूनतम मासिक वेतन 15,000 दिर्हाम (Dh15,000) हो. दूसरी श्रेणी फ्रीलांसरों और स्व-नियोजित व्यक्तियों की है, जिन्हें MOHRE से परमिट प्राप्त होने के साथ-साथ आवेदन से पहले के दो वर्षों में कम से कम 360,000 दिर्हाम (Dh360,000) की वार्षिक आय का प्रमाण देना होता है.

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तीसरी श्रेणी निवेशकों और बिजनेस पार्टनर्स की है, जिन्हें यूएई आधारित किसी प्रोजेक्ट में निवेश या सक्रिय साझेदारी के सबूत के साथ संबंधित अधिकारियों से आवश्यक लाइसेंस प्रस्तुत करने होते हैं.

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कैसे करें आवेदन

इस वीज़ा की आवेदन प्रक्रिया और लागत की बात करें, तो आवश्यक दस्तावेज़ आवेदक की श्रेणी पर निर्भर करते हैं. ग्रीन वीज़ा वर्क परमिट की मूल आवेदन फीस 200 दिर्हाम है, जिस पर पांच प्रतिशत वैट (VAT) अलग से लगता है, जो आवेदक पहले से ही यूएई में रह रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त रूप से 10 दिर्हाम नॉलेज फीस, 10 दिर्हाम इनोवेशन फीस और 500 दिर्हाम इन-कंट्री आवेदन फीस देनी होती है, जिससे कुल राशि व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती है.

इसके साथ ही, वर्तमान में यूएई निवास वीज़ा रखने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपना मौजूदा वीज़ा तब तक रद्द न करें जब तक कि उनका ग्रीन रेजिडेंस परमिट औपचारिक रूप से स्वीकृत न हो जाए. पांच साल की लंबी अवधि के अलावा यह ग्रीन वीज़ा किसी एक नियोक्ता की स्पॉन्सरशिप पर निर्भर हुए बिना स्वतंत्र रूप से काम करने, व्यापार करने और देश में अपने स्टेटस पर पूरा नियंत्रण रखने की बेहतरीन लचीलापन और आजादी देता है. 

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