2025 में रियल एस्टेट में $14.3 बिलियन का निवेश, मुंबई और बेंगलुरु रहे सबसे आगे

भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए वर्ष 2025 ऐतिहासिक रहा, जहां कुल पूंजी निवेश 25% की वार्षिक वृद्धि के साथ $14.3 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. CBRE की ताजा रिपोर्ट भारतीय रियल एस्टेट की मजबूती की एक नई कहानी बयां करती है.

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पूंजी निवेश में डेवलपर्स की हिस्सेदारी लगभग 47% रही (Photo-ITG) पूंजी निवेश में डेवलपर्स की हिस्सेदारी लगभग 47% रही (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

CBRE की नई रिपोर्ट 'इंडिया मार्केट मॉनिटर Q4 2025  इन्वेस्टमेंट्स' के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में पूंजी प्रवाह में जबरदस्त तेजी देखी गई है. इस दौरान कुल निवेश साल-दर-साल 25% की प्रभावशाली वृद्धि के साथ 14.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इस निवेश का मुख्य केंद्र मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख महानगर रहे, जिन्होंने निवेशकों को सबसे अधिक आकर्षित किया.
 
विशेष रूप से साल की आखिरी तिमाही में बाजार में भारी उत्साह देखा गया, जिसमें अकेले 3.3 अरब डॉलर का निवेश आया. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 30% अधिक है, जो भारतीय रियल एस्टेट बाजार के प्रति संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे और सकारात्मक भविष्य को दर्शाता है.

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इन शहरों में सबसे ज्यादा निवेश

CBRE की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के कुल निवेश में मुंबई (24%), बेंगलुरु (20%) और दिल्ली-एनसीआर (11%) की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही. हालांकि, अगर केवल अक्टूबर-दिसंबर की चौथी तिमाही (Q4) की बात करें, तो हैदराबाद 21% हिस्सेदारी के साथ निवेश के सबसे पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा. इसके बाद दिल्ली-एनसीआर 19% और बेंगलुरु 15% के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे.

निवेश के प्रकार के मामले में, भूमि और विकास स्थलों (Land and Development sites) का दबदबा बरकरार रहा, जिनकी कुल वार्षिक निवेश में 46% और चौथी तिमाही में 45% हिस्सेदारी रही. इसके बाद बिल्ट-अप ऑफिस एसेट्स का स्थान रहा, जिसने वार्षिक आधार पर 28% और चौथी तिमाही में 24% पूंजी प्रवाह आकर्षित किया. रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि वेयरहाउसिंग और डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म्स में भी निवेशकों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है, जो बाजार में निवेश रणनीतियों के विविधीकरण का संकेत देती है.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025 के दौरान कुल पूंजी निवेश में डेवलपर्स की हिस्सेदारी लगभग 47% रही, जबकि संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने 30% हिस्सेदारी दर्ज की. अगर केवल चौथी तिमाही (Q4 2025) की बात करें, तो कुल निवेश में डेवलपर्स का हिस्सा 46% रहा, जिसके बाद संस्थागत निवेशक (29%) और आरईआईटी (REITs - 14%) का स्थान रहा.

विदेशी पूंजी प्रवाह के मामले में चौथी तिमाही के दौरान कनाडाई निवेशकों ने 52% और अमेरिकी निवेशकों ने 26% का महत्वपूर्ण योगदान दिया. इस तिमाही में आवासीय और ऑफिस सेगमेंट में लगभग $440 मिलियन मूल्य के 'इन्वेस्टमेंट और डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म' भी स्थापित किए गए. यह बदलाव दर्शाता है कि निवेशक अब सीधे निवेश के बजाय स्ट्रक्चर्ड और दीर्घकालिक साझेदारी (Long-term partnerships) की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं.

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