गुरुग्राम में सर्कल रेट की नई दरों ने बिगाड़ा बजट, घर खरीदना और महंगा

गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट में नए सर्कल रेट का असर अब जमीन पर दिखने लगा है, जिससे सोहना रोड से लेकर द्वारका एक्सप्रेसवे तक प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराना काफी महंगा हो गया है.

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अब रजिस्ट्री के लिए चुकानी होगी 75% तक ज्यादा कीमत (Photo-ITG) अब रजिस्ट्री के लिए चुकानी होगी 75% तक ज्यादा कीमत (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

अगर आप गुरुग्राम में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी. जिला प्रशासन ने साल 2026 के लिए नए सर्कल रेट लागू कर दिए हैं, जिसमें 15% से लेकर 75% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ये नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी हैं.

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प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्कल रेट में भारी असमानता और वृद्धि देखी गई है. गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के प्रीमियम सेक्टर्स में दरों में 30% से 50% तक का इजाफा हुआ है. हाल ही में विकसित हुए नए गुरुग्राम के कुछ सेक्टर्स और इंडस्ट्रियल एरिया में यह बढ़त 75% तक पहुंच गई है.

व्यावसायिक संपत्तियों की कीमतों में भी भारी बदलाव किया गया है, जिससे ऑफिस स्पेस और दुकानों की रजिस्ट्री अब महंगी हो जाएगी.

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खरीदारों और विक्रेताओं पर क्या होगा असर?

सर्कल रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि अब खरीदारों को स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज के रूप में ज्यादा पैसा देना होगा. इससे प्रॉपर्टी की कुल लागत बढ़ जाएगी. सर्कल रेट बढ़ने से विक्रेताओं के लिए 'कैपिटल गेन' की गणना भी प्रभावित होगी. अगर कोई प्रॉपर्टी सर्कल रेट से कम पर बेची जाती है, तो भी टैक्स की गणना सर्कल रेट के आधार पर ही की जाएगी, जिससे टैक्स का बोझ बढ़ सकता है.

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अच्छी बात यह है कि सर्कल रेट बढ़ने से बैंक अब प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन ज्यादा करेंगे, जिससे खरीदारों को अधिक लोन मिलने की संभावना बढ़ सकती है. रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि दरें बढ़ने से शॉर्ट टर्म में मांग पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन गुरुग्राम जैसे निवेश के केंद्र में लंबी अवधि में इसका प्रभाव कम ही रहेगा. 1 अप्रैल से लागू हुई इन दरों ने उन खरीदारों को झटका दिया है जो मार्च के अंत तक अपनी रजिस्ट्री पूरी नहीं कर पाए थे.

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