मुंबई का अल्ट्रा लग्जरी हाउसिंग मार्केट महाराष्ट्र से बाहर के खरीदारों को तेजी से अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. CREMatrix के आंकड़ों के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच ₹25 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों के खरीदारों में दिल्ली की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही, इसके बाद कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु के खरीदारों का नंबर आता है.
उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि मुंबई का रियल एस्टेट बाजार आज भी देश में सबसे प्रीमियम बना हुआ है. इसके पीछे यहां मौजूद लग्जरी घरों का बड़ा स्टॉक, बेहतरीन ग्लोबल कनेक्टिविटी, मजबूत बिजनेस इकोसिस्टम और लंबे समय तक सुरक्षित निवेश के रूप में मुंबई की साख है. यही वजह है कि यह शहर देश भर के रईसों को अपनी ओर खींच रहा है.
'क्रेमैट्रिक्स' (CRE Matrix) के आंकड़ों के मुताबिक, ₹25 करोड़ से अधिक की कीमत वाले अल्ट्रा लग्जरी सेगमेंट में दर्ज किए गए. कुल 700 से ज्यादा सौदों में अकेले मुंबई के खरीदारों की हिस्सेदारी करीब 85% रही. वहीं, बाकी बचे 15% सौदे दिल्ली-NCR, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों के खरीदारों द्वारा किए गए, जो साबित करता है कि मुंबई पूरे भारत से वेल्थ को आकर्षित करने की ताकत रखती है.
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अल्ट्रा लग्जरी डील्स में मुंबई सबसे आगे
₹25 करोड़ से ऊपर के घरों के प्राइमरी मार्केट सौदों में मुंबई बाकी सभी शहरों से कोसों आगे निकल चुकी है. अगर शहरों के हिसाब से इस स्थिति को समझें तो जहां मुंबई अकेले 477 सौदों के साथ सूची में सबसे शीर्ष पर बनी हुई है, वहीं इसके बाद दिल्ली-NCR 21 सौदों के साथ दूसरे और कोलकाता 13 सौदों के साथ तीसरे स्थान पर आता है. इसके अलावा, इस अल्ट्रा लग्जरी रेस में गुजरात से 12 सौदे, बेंगलुरु से 4 सौदे और हैदराबाद से 3 सौदे दर्ज किए गए हैं, जो यह साफ दिखाता है कि मुंबई का बाजार अन्य महानगरों के मुकाबले कितना बड़ा और आकर्षक है.
विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली-NCR के अधिकांश खरीदारों ने ₹30 करोड़ से ₹99 करोड़ के बीच की कीमत वाले घर खरीदे. वहीं, कोलकाता के खरीदारों ने ₹29 करोड़ से ₹60 करोड़ के दायरे में संपत्तियां हासिल कीं, जबकि अहमदाबाद के खरीदारों ने ₹29 करोड़ से लेकर ₹213 करोड़ तक की कीमत वाले घर खरीदे. इसके अलावा, बेंगलुरु के खरीदारों ने ₹33 करोड़ से ₹121 करोड़ के ब्रैकेट में सौदे किए, जबकि हैदराबाद के खरीदारों ने लगभग ₹80 करोड़ मूल्य की खरीदारी दर्ज की.
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विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड दर्शाता है कि भारत के अमीर लोग अब मुंबई की प्राइम रियल एस्टेट को केवल एक निवास स्थान के रूप में नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षित निवेश और पूंजी संरक्षण संपत्ति के रूप में देख रहे हैं, ठीक उसी तरह जैसे वैश्विक निवेशक लंदन और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख प्रॉपर्टी बाजारों को देखते हैं.
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