दुनिया की सबसे ऊंची 'भूतिया गगनचुंबी इमारत' जिसमें कभी आसमान छूता हुआ लग्जरी होटल और दुनिया का सबसे ऊंचा रूफटॉप स्विमिंग पूल बनना था, पिछले 18 सालों से चीन के शहर तियानजिन में वीरान खड़ा है. 595.5 मीटर ऊंची यह 'गोल्डिन फाइनेंस 117' (Goldin Finance 117) गगनचुंबी इमारत आज चीन के उस गहरे रियल एस्टेट संकट का सबसे बड़ा और जीता-जागता प्रतीक बन चुकी है, जिसने चीन के कई हंसते-खेलते शहरों को आधे-अधूरे कंक्रीट के ढांचों और सुनसान रेजिडेंशियल टावरों के मलबे में तब्दील कर दिया है.
आसमान छूती 'गोल्डिन फाइनेंस 117' का निर्माण साल 2008 में शुरू हुआ था, लेकिन इसका डेवलपर कर्ज के जाल में फंस गया और काम बीच में ही रुक गया. आज 18 साल बीत जाने के बाद भी यह टावर अधूरा खड़ा है. यह 595.5 मीटर (1,954 फीट) ऊंची गगनचुंबी इमारत चीन के उस सालों पुराने रियल एस्टेट संकट का सबसे बड़ा प्रतीक है, जिसने देश के कई शहरों को अधूरी गगनचुंबी इमारतों और सुनसान रेजिडेंशियल टावरों से पाट दिया है.
चीन का प्रॉपर्टी मार्केट कभी देश की आर्थिक तरक्की का सबसे बड़ा इंजन हुआ करता था, लेकिन आज यह उसकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा बन चुका है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था में साल-दर-साल 4.3 फीसदी की दर से विस्तार हुआ जो पिछले तीन से अधिक वर्षों में इसकी सबसे धीमी रफ्तार है.
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चीन का रियल एस्टेट मार्केट बेहाल
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015 में चीनी शेयर बाजार के क्रैश होने के बाद, जब इसके हॉन्गकॉन्ग स्थित डेवलपर 'गोल्डिन प्रॉपर्टीज' को भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, तब इस गगनचुंबी इमारत का निर्माण ठप हो गया था. साल 2020 के बाद से एवरग्रैंड (Evergrande), कंट्री गार्डन (Country Garden) और वांके (Vanke) जैसी दिग्गज रियल एस्टेट कंपनियां भी कर्ज के गंभीर संकट से जूझ रही हैं, ऐसा तब हुआ जब चीनी अधिकारियों ने अत्यधिक उधार लेने और सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए कंपनियों के लोन एक्सेस को काफी सीमित कर दिया था.
यह प्रॉपर्टी संकट लगातार खिंचता जा रहा है और घरों की कीमतें स्थिर हो गई हैं, जिससे संभावित खरीदार प्रॉपर्टी खरीदने से कतरा रहे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून के बीच देश भर में रियल एस्टेट विकास में निवेश में साल-दर-साल 18 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिसमें आवासीय निवेश 17.8 प्रतिशत तक गिर गया.
इस संकट का एक अजीब पहलू यह भी रहा कि मार्च में, चीनी अधिकारियों ने खाली अपार्टमेंटों में शवों की भस्म (रखने पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह एक ऐसा चलन था जो तब तेजी से बढ़ा जब शोक संतप्त परिवारों ने अंतिम संस्कार की बढ़ती लागतों से बचने के लिए खाली पड़े फ्लैटों को ही श्मशान या स्मारक बनाना शुरू कर दिया था.
अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि चीन को अब रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे में भारी निवेश के बजाय घरेलू खपत पर आधारित विकास मॉडल की ओर रुख करना चाहिए. हालांकि, तियानजिन की इस गगनचुंबी इमारत में अप्रैल 2025 में काम फिर से शुरू हुआ था. सरकारी मीडिया ने मार्च में बताया था कि मजदूर इसके ऊपर डायमंड के आकार का क्राउन लगा रहे हैं, जो कि इस प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने जैसा है.
2027 तक पूरा होगा टॉवर का काम
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, तियानजिन की इस अधूरी गगनचुंबी इमारत को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, अदालत द्वारा भूमि उपयोग अधिकारों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का निपटारा करने के बाद अप्रैल 2025 में यहां काम फिर से शुरू हुआ, जिसके 2027 की पहली छमाही तक पूरा होने की उम्मीद है. इस टावर के टॉप पर अब डायमंड के आकार का क्राउन लगाया जा रहा है और इसकी लीजिंग का काम भी लगभग पूरा हो चुका है, जिसके तहत 7 सरकारी और 10 निजी कंपनियां इसमें स्पेस खरीदकर शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं.
इसके पूरा होने से 'गोल्डिन फाइनेंस 117' का "दुनिया की सबसे ऊंची लावारिस इमारत" होने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का टैग हट जाएगा. हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चीन का यह पूरा रियल एस्टेट संकट भारी कर्ज और इस अंधविश्वास के कारण बढ़ा कि प्रॉपर्टी की कीमतें हमेशा ऊपर ही जाएंगी, जिससे अब सरकार का ध्यान रियल एस्टेट के बजाय अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर है.
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