कौड़ियों के भाव में भी नहीं खरीदेंगे Bitcoin, दुनिया के सबसे बड़े निवेशक ने ऐसा क्यों कहा?

वारेन बफेट Berkshire Hathaway की सालाना शेयरहोल्डर बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी प्रोडक्टिव एसेट नहीं हैं और इनसे कुछ भी ठोस उत्पन्न नहीं होता है.

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क्रिप्टोकरेंसी पर बफे को भरोसा नहीं (Photo: Reuters) क्रिप्टोकरेंसी पर बफे को भरोसा नहीं (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मई 2022,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST
  • बफेट ने कई कंपनियों में बढ़ाया निवेश
  • क्रिप्टोकरेंसी पर नहीं है बफेट को भरोसा

दिग्गज इन्वेस्टर वारेन बफेट (Warren Buffett) बिटकॉइन (Bitcoin) समेत सारी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrencies) को नापसंद करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने बार-बार दोहराया है कि क्रिप्टोकरेंसीज पर उन्हें यकीन नहीं है. बफेट ने एक बार फिर से क्रिप्टोकरेंसी पर अपनी राय दोहराते हुए कहा कि ये प्रोडक्टिव एसेट नहीं हैं. उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि वे कौड़ियों के भाव में भी बिटकॉइन नहीं खरीदने वाले.

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इतनी है बिटकॉइन की ताजी कीमत

बफेट का मानना है कि किसी भी एसेट के पास अपनी वैल्यू होनी चाहिए. वे यह भी मानते हैं कि एक ही करेंसी एक्सेप्टेड है और वह क्रिप्टो तो कतई नहीं है. इनसाइडर की एक रिपोर्ट में बफेट के हवाले से कहा गया है, 'अगर आप मुझे बताएं कि आपके पास दुनिया का सारा बिटकॉइन है और मुझे सिर्फ 25 डॉलर में सारा देने के लिए तैयार हो जाएं, मैं तब भी नहीं लूंगा. मैं उसका क्या ही करूंगा.' आपको बता दें कि अभी एक यूनिट बिटकॉइन की कीमत करीब 39 हजार डॉलर है.

बफेट को इस कारण नहीं है भरोसा

वारेन बफेट Berkshire Hathaway की सालाना शेयरहोल्डर बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी प्रोडक्टिव एसेट नहीं हैं और इनसे कुछ भी ठोस उत्पन्न नहीं होता है. उन्होंने कहा, 'अगले एक साल में या पांच, दस साल में ये ऊपर जाएंगी या गिरेंगी, मैं नहीं जानता. लेकिन एक चीज को लेकर मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि यह कुछ भी ठोस पैदा नहीं करता है.

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वॉल स्ट्रीट पर भी बफेट ने कसा तंज

कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद पहली बार Berkshire Hathaway की पारंपरिक सालाना शेयरहोल्डर बैठक हुई. इस बैठक में बफेट ने पांच घंटे तक लोगों के सवालों का जवाब दिया. इस दौरान बफेट ने वॉल स्ट्रीट पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि अब शेयर बाजार इन्वेस्टमेंट के बजाय जुए का साधन बन गया है. बफेट ने कहा, 'वे तब ज्यादा पैसा कमाते हैं, जब लोग इन्वेस्टमेंट नहीं कर रहे होते बल्कि जुआ खेल रहे होते हैं.' इस दौरान बफेट ने ये भी बताया कि हाल-फिलहाल में उनकी होल्डिंग कंपनी ने कहां-कहां इन्वेस्टमेंट किया है.

इन कंपनियों में बढ़ा बर्कशायर का निवेश

बर्कशायर ने हाल-फिलहाल बाजार में आई गिरावट का फायदा उठाया और जनवरी से लेकर मार्च के दौरान विभिन्न कंपनियों में 51 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया. तेल कंपनी Chevron में इस दौरान बफेट की कंपनी का इन्वेस्टमेंट 4.5 बिलियन डॉलर से बढ़कर 26 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया. अब यह कंपनी अमेरिकन एक्सप्रेस, एप्पल और बैंक ऑफ अमेरिका के साथ बर्कशायर की टॉप4 होल्डिंग में शामिल हो गई है. इस दौरान बर्कशायर ने Occidental Petroleum में 14 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर शेयर भी खरीदा. इनके अलावा एचपी और एक्टिविजन जैसी कंपनियों में भी बर्कशायर का इन्वेस्टमेंट बढ़ा.

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